अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा धारकों को 88 लाख फीस से दी राहत

· 1 min read
अमेरिकी सरकार ने  H-1B वीजा  धारकों को 88 लाख फीस से दी राहत

अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा धारकों को दी राहत

अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा धारकों को 88 लाख रुपये की भारी फीस से राहत देने की घोषणा की है। नई गाइडलाइन के अनुसार, यह शुल्क केवल उन आवेदकों पर लागू होगा जो अमेरिका से बाहर हैं और जिनके पास अभी कोई वैध H-1B वीजा नहीं है। मौजूदा वीजा धारकों, स्थिति परिवर्तन, अवधि बढ़ाने वाले या संशोधन के लिए आवेदन करने वालों को इस शुल्क से छूट दी गई है।

ट्रंप प्रशासन के फैसले पर विवाद

यह स्पष्टीकरण ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए शुल्क नियमों को लेकर विवाद के बाद आया है। यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस नियम को "गैरकानूनी" करार देते हुए इसे अदालत में चुनौती दी थी। चैंबर का तर्क था कि इस फीस से अमेरिकी कंपनियों पर श्रम लागत का बोझ बढ़ेगा और कुशल विदेशी कर्मचारियों की भर्ती प्रभावित होगी। अन्य संगठनों ने भी इस नियम के खिलाफ याचिका दायर की थी।

भारतीयों को विशेष राहत

यह निर्णय भारतीय कुशल पेशेवरों के लिए राहत लेकर आया है। वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B वीजा धारकों में 70% से अधिक भारतीय मूल के कर्मचारी थे। भारत से आने वाले पेशेवरों की संख्या अमेरिका में सबसे अधिक है, जिससे लंबित आवेदनों की संख्या भी बड़ी है।

अमेरिकी सरकार ने इस फैसले से भ्रम की स्थिति को समाप्त कर दिया है और स्पष्ट किया है कि मौजूदा वीजा धारकों पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

Gulzar Ahmad