मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में NSG की मॉक ड्रिल, शाह के संभावित दौरे से पहले सुरक्षा परख
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संभावित मथुरा दौरे और नए साल के बाद से श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बांके बिहारी मंदिर में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की। इस दौरान आपात स्थिति में व्यवस्था और रिस्पांस सिस्टम की तैयारी की व्यापक जांच की गई।
आधी रात को पहुंची NSG टीम, मंदिर परिसर का घेरा
रात के समय 150 से अधिक NSG कमांडो हथियारों के साथ बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। मॉक ड्रिल के तहत इलाके की बिजली काटकर मंदिर परिसर में ब्लैकआउट की स्थिति बनाई गई। इसके बाद कमांडो ने मंदिर को चारों ओर से घेर लिया और हर कोने की गहन तलाशी ली।
ड्रिल के दौरान मंदिर के आसपास आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई और संदिग्ध दिखने वालों को पकड़ने की प्रक्रिया की प्रैक्टिस की गई। पूरे अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी या आपात स्थिति के लिए सुरक्षा बलों की तैयारी को परखना था।
IED ब्लास्ट की स्थिति पर रेस्क्यू अभ्यास
मॉक ड्रिल के तहत यह स्थिति तैयार की गई कि मानो वहां IED ब्लास्ट हुआ हो। ऐसी आपात परिस्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य कैसे शुरू किया जाए, इसकी प्रैक्टिस की गई। फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को फोन कर मंदिर में ब्लैकआउट और आपात स्थिति की सूचना दी गई।
सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं। टीमों ने घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर रखकर एम्बुलेंस तक ले जाने का अभ्यास किया, ताकि वास्तविक घटना की स्थिति में लोगों की जान बचाने की प्रक्रिया सुचारू रहे।
सुबह तीन बजे तक चला ऑपरेशन, सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन
यह ऑपरेशन लगभग छह घंटे तक चला और तड़के करीब तीन बजे समाप्त हुआ, जिसके बाद टीम वापस लौट गई। पूरे समय मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह के संभावित दौरे के साथ-साथ नए साल के बाद मथुरा में बड़े पैमाने पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रोज बड़ी संख्या में लोग मथुरा के मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में अधिक से अधिक लोगों की जान कैसे बचाई जा सके और सुरक्षा बलों का रिस्पांस टाइम कैसे कम किया जा सके, इसी की जांच के लिए यह मॉक ड्रिल की गई।
इस अभ्यास के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने आपातकालीन हालात से निपटने की अपनी वर्तमान क्षमता का आकलन किया और आवश्यक सुधारों पर संकेत पाए, जिससे भविष्य में भीड़-भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
Janmejay Chaturvedi