अमित शाह ने सिंधिया को कहा राजा साहब

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अमित शाह  ने  सिंधिया  को कहा  राजा साहब

ग्वालियर ग्रोथ समिट में निवेश की बड़ी सौगात और कड़ी सुरक्षा

ग्वालियर के मेला ग्राउंड में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश का शिलान्यास और लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए और शहर लंबे समय तक हाई अलर्ट पर रहा।

दो लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण

कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संयुक्त रूप से की। इसके बाद दोनों नेताओं ने एमपी ग्रोथ समिट में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंच से लगभग दो लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 1655 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया, जिन्हें राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए चरण के रूप में देखा जा रहा है।

इसी दौरान अमित शाह ने ग्वालियर व्यापार मेले और अटल म्यूजियम का भी शुभारंभ किया। इन दोनों पहलों को क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने वाला कदम माना जा रहा है।

सिंधिया को ‘राजा साहब’ संबोधन और ग्वालियर की गौरवगाथा

कार्यक्रम के मंच से अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संबोधित करते हुए उन्हें ‘राजा साहब’ कहा, जिस पर सभा में जोरदार तालियां बजीं। शाह ने अपने संबोधन में कहा कि ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है, यह तानसेन और ग्वालियर घराने के अनेक महान संगीतकारों की साधना स्थली रही है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इसी भूमि ने देश को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसा महान नेता दिया। शाह ने कहा कि अटल जी ग्वालियर से निकलकर संघर्ष की लंबी यात्रा तय करके वहां पहुंचे कि आज पूरा देश उन्हें स्नेह से याद करता है।

आदिवासी कल्याण और सुशासन की परंपरा पर जोर

अमित शाह ने अपने भाषण में मध्य प्रदेश की बड़ी आदिवासी आबादी का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी से पहले आदिवासियों के लिए न ठोस योजनाएं थीं और न ही कोई अलग विभाग। अटल सरकार ने आदिवासी कल्याण के लिए अलग विभाग बनाकर उनके अधिकारों को मजबूती दी और विकास के नए मार्ग खोले।

उन्होंने अटल से लेकर नरेंद्र मोदी तक सुशासन की अवधारणा के निरंतर विस्तार पर भी बात की और इसे भाजपा शासन की मूल पहचान बताया।

निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान

मध्य प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश निवेश और औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 ने मध्य प्रदेश की वैश्विक विश्वसनीयता को नई ऊंचाई दी है।

सिंधिया के अनुसार, राज्य को 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव जमीन पर उतरना शुरू हो चुके हैं। उनके मुताबिक, ये निवेश युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनेंगे। उन्होंने इसे इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में विकास यात्रा उन्हीं आदर्शों और मूल्यों पर आगे बढ़ रही है जिन्हें अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति की आत्मा के रूप में स्थापित किया था।

वरिष्ठ मंत्रियों और उद्योग जगत की व्यापक भागीदारी

समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित कई अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे।

ग्रोथ समिट में देश के कई प्रमुख उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इससे कार्यक्रम को उद्योग जगत से मजबूत समर्थन मिला।

अमित शाह की सुरक्षा के लिए 17 घंटे हाई अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी के मद्देनजर ग्वालियर शहर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। अधिकारियों के अनुसार, शहर लगभग 17 घंटे तक हाई अलर्ट पर रहा। जिन मार्गों और स्थलों पर गृह मंत्री के कार्यक्रम तय थे, वहां विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए और बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया।

अमित शाह के आगमन से पहले ही सीआरपीएफ कमांडो ने उनकी सुरक्षा की कमान संभाल ली। बुधवार सुबह से सीआरपीएफ कमांडेंट ने पुलिस अधिकारियों के साथ उन सभी स्थानों और मार्गों का निरीक्षण किया जिनसे गृह मंत्री कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले थे। गृह मंत्री के ग्वालियर में रहने तक पूरा क्षेत्र नो फ्लाइंग जोन घोषित रहा।

सीआरपीएफ और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से अंतिम अभ्यास के रूप में फाइनल कारकेड निकालकर यह परखा कि सुरक्षा तैयारियों में कहीं कोई कमी तो नहीं है। इस दौरान ड्रोन, संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ नियंत्रण पर विशेष निगरानी रखी गई।

निष्कर्ष: निवेश, रोजगार और सुरक्षा के बीच संतुलन की कोशिश

ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट ने एक ओर जहां दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए रास्ता खोला, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार के सुशासन, निवेश और आदिवासी कल्याण के एजेंडे को भी रेखांकित किया। अमित शाह, मुख्यमंत्री मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया के वक्तव्यों ने अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक की राजनीतिक और विकास यात्रा को जोड़ते हुए मध्य प्रदेश को नए औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।

उधर, गृह मंत्री की सुरक्षा के लिए अपनाई गई सघन व्यवस्थाओं ने यह भी दिखाया कि बड़े राजनीतिक और औद्योगिक आयोजनों में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और ग्वालियर सहित पूरे मध्य प्रदेश के विकास के रोडमैप को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Janmejay Chaturvedi