अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर खूनी संघर्ष, तालिबान और पाक सेना के बीच भीषण युद्ध; दोनों ओर भारी नुकसान का दावा
गुरुवार देर रात अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर हमला कर दिया। तालिबान ने कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सेना के 55 जवानों की हत्या और उनके एक हेडक्वॉर्टर व 19 चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के हवाले से टोलो न्यूज ने यह जानकारी दी, साथ ही दावा किया कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव हैं और कुछ को जिंदा पकड़ लिया गया है। इस दौरान कई हथियार, एक टैंक और एक हार्वेस्टर भी जब्त किया गया।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई: 'गजब लिल हक' ऑपरेशन और हवाई हमले
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन 'गजब लिल हक' शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, नंगरहार प्रांत समेत अफगानिस्तान के कई शहरों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में अब तक 72 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 120 से अधिक घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 16 तालिबान चौकियां तबाह कर दी गई हैं और 7 पर कब्जा कर लिया गया है।
दोनों देशों के अलग-अलग दावे और सीमा पर जारी तनाव
हमले में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 19 पाकिस्तानी सेना पोस्ट तथा दो बेस को तबाह करने का दावा किया। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि केवल 2 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 3 घायल हुए हैं, जबकि 36 अफगान लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के प्रवक्ता मुशर्रफ़ अली ज़ैदी ने पाकिस्तानी सैनिकों के पकड़े जाने की बात से इनकार किया है। नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे कई सीमावर्ती इलाकों में अभी भी संघर्ष जारी है।
पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार पर दबाव डालता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। इससे पहले, पाकिस्तान ने 22 फरवरी और रविवार को भी अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों में हवाई हमले किए थे, जिनका दावा था कि ये TTP और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए थे। इन हमलों को तालिबान ने देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ा जवाब देने की बात कही थी। अक्टूबर में सीमा पर हुई हिंसक झड़पों के बाद से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं।
Bhavanesh Soni