अप्रैल में बंगाल विधानसभा चुनाव की उम्मीद, सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर तेज हमला

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अप्रैल में बंगाल विधानसभा चुनाव की उम्मीद, सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर तेज हमला

अप्रैल में बंगाल विधानसभा चुनाव की उम्मीद, हावड़ा से सुवेंदु अधिकारी का आक्रामक अभियान

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने अनुमान जताया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव अप्रैल महीने में कराए जा सकते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी हावड़ा जिले के उत्तर हावड़ा स्थित बांधाघाट इलाके में आयोजित भाजपा की परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए की।

फरवरी में अंतिम मतदाता सूची, उसके बाद चुनाव तारीखों की घोषणा की उम्मीद

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने की संभावना है। उनके अनुसार, इसी के बाद निर्वाचन आयोग राज्य में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। उन्होंने इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

मतदाताओं से निर्भय होकर बाहर निकलने की अपील

सभा में सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे चुनाव के दिन इसे अवकाश की तरह घर पर न बिताएं, बल्कि बिना किसी भय के मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार किसी भी ऊंची इमारत में ताला लगाकर लोगों को मतदान से वंचित नहीं होने दिया जाएगा और मतदाता निश्चिंत होकर वोट डाल सकते हैं।

तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार पर आरोप

अधिकारी ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया से तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी सरकार भयभीत हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के 15 वर्षों के कथित कुशासन के खिलाफ पूरे राज्य में परिवर्तन की लहर चल रही है। उन्होंने लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान कर परिवर्तन की सरकार बनाने का आह्वान किया।

एसआईआर, अवैध घुसपैठ और कार्बोलिक एसिड वाली टिप्पणी

अपने भाषण में सुवेंदु अधिकारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बरसात या मकानों में सांपों के प्रवेश को रोकने के लिए कार्बोलिक एसिड का छिड़काव किया जाता है, वैसे ही एसआईआर के माध्यम से चुनाव आयोग ने बंगाल में ऐसा माहौल बनाया है कि कुछ लोग ‘बिलबिला कर’ निकल रहे हैं। उनका संकेत अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की ओर था। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए वापस लौट गए हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत के मुसलमानों को एसआईआर से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर भ्रम और भय फैलने से बचने की बात कही।

जनता उन्नयन पार्टी और नामों को लेकर विवादित बयान

नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा आगामी चुनाव में अपनी पार्टी के 100 सीटें जीतने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कौन क्या कहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने आगे बयान दिया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो वे किसी को बाबर का नाम लिखने की अनुमति नहीं देंगे। अधिकारी के अनुसार, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च का निर्माण करना ठीक है, लेकिन बाबर, हुमायूं, अकबर, शाहजहां आदि के नाम बंगाल में लिखने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि उनके शब्दों में ये मुसलमान नहीं बल्कि मुगल शासक थे, जिन्होंने भारत में हिंदुओं और महिलाओं के साथ अत्याचार किए और मंदिरों को तोड़ा। उन्होंने कहा कि बंगाल में इनका नाम स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक संदेश और निष्कर्ष

हावड़ा की इस सभा के माध्यम से सुवेंदु अधिकारी ने आगामी संभावित विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का राजनीतिक संदेश स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने एसआईआर, अवैध घुसपैठ, तृणमूल सरकार के खिलाफ आरोप और ऐतिहासिक मुगल शासकों के नामों पर आपत्ति जैसे मुद्दों को उठाकर मतदाताओं को संबोधित किया। उनके भाषण का मुख्य उद्देश्य चुनावी तैयारियों को तेज करना, भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना और मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान में भाग लेने के लिए प्रेरित करना रहा।

Sharad Shrivastava