महू के पत्ती बाजार क्षेत्र में दूषित पानी से 25 लोग बीमार
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की महू तहसील के पत्ती बाजार क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते 10 से 15 दिनों के भीतर यहां 19 बच्चों समेत लगभग 25 लोग पीलिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। कई बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों की शिकायत: नलों से गंदा और बदबूदार पानी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार क्षेत्र में नलों से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। उनका कहना है कि पानी को उबालने के बाद भी बर्तनों के तल में गाद जमा हो रही है, जिससे उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चंदर मार्ग और मोतीमहल क्षेत्र में स्थिति विशेष रूप से ज्यादा खराब बताई जा रही है।
प्रशासनिक जांच और जलापूर्ति का निरीक्षण
जानकारी मिलते ही एसडीएम राकेश परमार और तहसीलदार विवेक सोनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने एक घर से पानी मंगवाकर स्वयं पीकर उसकी स्थिति की जांच की और जलापूर्ति व्यवस्था की प्राथमिक जांच की। इसके बाद संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए ताकि खराब पानी की आपूर्ति के कारणों का पता लगाया जा सके और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर सैंपल ले रही
बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम पत्ती बाजार और आसपास के क्षेत्रों में घर-घर जाकर मरीजों के सैंपल एकत्र कर रही है। इससे बीमारियों की प्रकृति और दूषित पानी के संभावित प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
नर्मदा जल पाइपलाइन पर स्थानीयों की आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नर्मदा जल की पाइपलाइन नालियों के बीच से होकर गुजर रही है, जिसके चलते नालियों की गंदगी पेयजल में मिल सकती है। बदबूदार और मटमैला पानी, तथा उबालने के बाद भी गाद जमा होना, लोगों के अनुसार इसी आशंका की ओर इशारा करता है। हालांकि अब तक प्रशासन को इस तरह का कोई स्पष्ट लीकेज नहीं मिला है।
विधायक का दौरा और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
देर रात करीब नौ बजे क्षेत्र की विधायक उषा ठाकुर ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने रहवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें फिलहाल पानी को उबालकर पीने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पेयजल पाइपलाइन नाली के भीतर से गुजर रही है, तो उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया करवाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
निष्कर्ष
महू के पत्ती बाजार, चंदर मार्ग और मोतीमहल क्षेत्रों में दूषित पेयजल के कारण बढ़ते पीलिया और टाइफाइड के मामलों ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। प्रारंभिक जांच और सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि रहवासियों से सावधानी बरतने और पानी उबालकर पीने की अपील की जा रही है। आगे की जांच के आधार पर जलापूर्ति व्यवस्था में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।
Amit Pateria