अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव पर सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य

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अयोध्या में  रामलला  के तीसरे जन्मोत्सव पर  सूर्य तिलक  का अलौकिक दृश्य

अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव पर सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य

अयोध्या नगरी आज प्रभु श्रीराम के तीसरे जन्मोत्सव के उल्लास में डूबी हुई है। रामलला के जन्मोत्सव पर मध्याह्न 12 बजे उनका ललाट 'सूर्य तिलक' से आलोकित होगा, यह दिव्य क्षण चार से पांच मिनट तक रहेगा। इस अद्वितीय उत्सव का हिस्सा बनने के लिए देश के कोने-कोने से रामभक्त अयोध्या पहुंच चुके हैं, जिससे संपूर्ण नगरी राम जन्म के आह्लाद में निमग्न है। राम मंदिर सहित पूरे रामजन्मभूमि परिसर का दृश्य अलौकिक प्रतीत हो रहा है, और जन्मोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

उत्सव की व्यापक तैयारियां और भक्त व्यवस्थाएं

दिव्य और भव्य राम मंदिर में चैत्र शुक्ल नवमी, संवत 2083 को रामलला का तीसरा जन्मोत्सव आयोजित हो रहा है, जिसके लिए चारों ओर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। रामलला के धाम को भव्य रूप से सजाया और संवारा गया है। उत्सव में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के लिए समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। दूर-दराज से आने वाले रामभक्तों को धूप व गर्मी से बचाने हेतु पूरे रामजन्मभूमि परिसर और दर्शन मार्ग पर कालीन बिछाई गई है। इसके अतिरिक्त, रामपथ, भक्तिपथ व धर्मपथ पर भी मैटिंग कराई गई है। पेयजल, चिकित्सा और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए सरयू घाटों, राम की पैड़ी, कनक भवन और हनुमानगढ़ी पर बैरीकेडिंग की गई है, और मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तथा पूरे अंगद टीला परिसर में पंडाल बनाए गए हैं।

जन्मोत्सव का विस्तृत कार्यक्रम

राम मंदिर में जन्मोत्सव शुक्रवार सुबह नौ बजे रामलला के पंचामृत से महाअभिषेक के साथ प्रारंभ होगा, जो लगभग 11 बजे तक चलेगा। भोर में मंगला व श्रृंगार आरती अपने निर्धारित समय पर होगी, तत्पश्चात जन्मोत्सव के आयोजन शुरू होंगे और रामलला का पीतवस्त्र धारण कराकर भव्य श्रृंगार किया जाएगा। ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र के अनुसार, सुबह साढ़े दस बजे से मध्याह्न 12 बजे तक गर्भगृह पर आवरण रहेगा। इस दौरान गर्भगृह खुला रहेगा और दर्शनार्थी श्रृंगार का अवलोकन कर सकेंगे। पूर्वाह्न 11:45 बजे आवरण के मध्य छप्पन भोग लगेगा, जिसके उपरांत मध्याह्न 12 बजे रामलला का जन्म होगा। इसके बाद पूजन-अर्चन व आरती होगी और सूर्यदेव रामलला के ललाट पर तिलक करेंगे। जन्मोत्सव के समस्त आयोजनों का टेलीविजन सहित विभिन्न माध्यमों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।

दर्शन अवधि में वृद्धि और यातायात प्रतिबंध

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में रामभक्तों के आगमन की संभावना को देखते हुए सुबह और शाम मिलाकर लगभग तीन घंटे दर्शन अवधि बढ़ाई है। अब भक्त सुबह 5:00 बजे से प्रवेश प्राप्त कर 5:20 बजे से दर्शन प्रारंभ कर सकेंगे, और मंदिर रात्रि 11 बजे तक खुला रहेगा। उधर, रामनगरी में यातायात प्रबंधन के लिए चारपहिया वाहनों का प्रवेश रोका गया है और डायवर्जन लागू किया गया है। यह उत्सव भक्ति, श्रद्धा और भव्यता का एक अनुपम संगम प्रस्तुत कर रहा है।

Adarsh Chaurasiya