भाजपा इंदौर ग्रामीण कार्यकारिणी में सिलावट का दबदबा

· 1 min read
भाजपा इंदौर ग्रामीण कार्यकारिणी में सिलावट का दबदबा

भाजपा इंदौर ग्रामीण की नई कार्यकारिणी में शक्ति संतुलन का खेल

लंबे समय से खींचतान में फंसी भाजपा इंदौर ग्रामीण की जिला कार्यकारिणी आखिरकार घोषित कर दी गई है। नई सूची में पार्टी के कई बड़े नेताओं के समर्थकों को समायोजित किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभाव मंत्री तुलसी सिलावट का दिखाई दे रहा है।

महामंत्री पद पर तुलसी सिलावट की पकड़ मजबूत

जिला अध्यक्ष के रूप में अंतर दयाल का नाम आगे बढ़ाने की कोशिश असफल होने के बाद मंत्री तुलसी सिलावट का पूरा ध्यान महामंत्री पद पर था। वे न केवल इस पद पर अपनी पसंद का नाम तय कराने में सफल रहे, बल्कि अपने अन्य समर्थकों को भी कार्यकारिणी में अच्छे पद दिलवाने में कामयाब रहे।

मधु वर्मा और रामस्वरूप गहलोत को महामंत्री बनाए जाने की Silawat समर्थित कोशिश भी सफल हुई। पूरी सूची में सिलावट गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है, जिससे उनकी संगठन पर पकड़ और मजबूत मानी जा रही है।

जीतू जिराती, मनोज पटेल और अन्य नेताओं के समर्थकों को भी जगह

नगर कार्यकारिणी में तवज्जो न मिलने के बाद पूर्व विधायक जीतू जिराती के लिए यह सूची राहत लेकर आई है। इंदौर ग्रामीण की कार्यकारिणी में उनके कई समर्थक शामिल किए गए हैं, जिनमें अश्विन पटेल और अजय यादव जैसे नाम प्रमुख हैं।

देपालपुर विधायक मनोज पटेल के समर्थक निलेश उपाध्याय, जालम सिंह सोलंकी और कुसुम रूप सिंह चौहान को भी कार्यकारिणी में स्थान मिला। हालांकि, मनोज पटेल जितना व्यापक प्रतिनिधित्व चाहते थे, वैसा संभव नहीं हो पाया।

इसके साथ ही भारत सिंह सोलंकी और अन्य कुछ नेताओं के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने भी अपने करीबी प्रीतेश शर्मा सहित कई समर्थकों को पद दिलाने में सफलता पाई है।

विजयवर्गीय, उषा ठाकुर और जिराती की वजह से सूची में देरी

सूची जारी होने में देरी की बड़ी वजह देपालपुर के विधायक मनोज पटेल, महू की विधायक उषा ठाकुर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच चल रही रस्साकशी रही। तीनों नेता अपने-अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के नाम शामिल कराने पर अड़े रहे, जिससे सहमति बनने में समय लगा।

महू क्षेत्र में खींचतान सबसे अधिक थी, क्योंकि वहीं से विधायक उषा ठाकुर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दोनों अपने-अपने पैनल और समर्थकों के नाम आगे बढ़ा रहे थे। उषा ठाकुर का आग्रह था कि उनके चुनाव में लगातार काम करने वाले कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह कार्यकारिणी में जगह दी जाए।

उधर, नगर कार्यकारिणी से बाहर रखे जाने के बाद जीतू जिराती भी अपने समर्थकों को ग्रामीण कार्यकारिणी में समायोजित कराने में सक्रिय रहे, जिसका असर अंतिम सूची में साफ दिखा।

उपाध्यक्ष पदों पर किस नेता का कितना प्रभाव

उपाध्यक्षों की सूची में भी गुटीय समीकरण साफ नजर आते हैं। उपाध्यक्ष बनाए गए भारत सिंह चौहान सांवेर क्षेत्र से आते हैं और मंत्री तुलसी सिलावट के करीबी माने जाते हैं। सांवेर के ही दिलीप चौधरी भी सिलावट खेमे से जुड़े हुए हैं।

मानपुर के विनोद जाट, सांसद कविता पाटीदार के नजदीकी माने जाते हैं, जबकि लीला संतोष पाटीदार, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी हैं। देपालपुर के पवन सिंह पटेल पर विजयवर्गीय और श्रवण चावड़ा, दोनों का प्रभाव माना जा रहा है। देपालपुर के ही सत्यनारायण पटेल, विधायक मनोज पटेल के समर्थक हैं।

राउ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े धर्मेंद्र वर्मा, मधु वर्मा के करीबी हैं। इस तरह उपाध्यक्ष पदों पर भी क्षेत्रीय और गुटीय संतुलन बैठाने की कोशिश दिखती है।

कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री और मीडिया प्रभारी के समीकरण

हेमचंद मित्तल एक बार फिर कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। वे पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर के समय से लगातार इस पद पर बने हुए हैं, जिससे संगठन में उनकी वित्तीय भूमिका मजबूत बनी हुई है।

कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी मुकेश जरिया को दी गई है, जो विधायक उषा ठाकुर के करीबी माने जाते हैं। मीडिया प्रभारी के रूप में विनोद चंदानी को चुना गया है, जिनका जुड़ाव सांसद शंकर लालवानी से है। इससे स्पष्ट है कि संगठन में सांसदों और विधायकों के समूहों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।

निष्कर्ष: संतुलन की कोशिश, लेकिन सिलावट का वर्चस्व स्पष्ट

कुल मिलाकर भाजपा इंदौर ग्रामीण की नई कार्यकारिणी ऐसे समय पर सामने आई है जब पार्टी के भीतर विभिन्न गुट अपने-अपने प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश में हैं। लंबे समय से अटकी सूची में लगभग सभी प्रमुख नेताओं के समर्थकों को किसी न किसी रूप में जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है।

इसके बावजूद, महामंत्री पद और उपाध्यक्षों सहित कई अहम पदों पर तुलसी सिलावट समर्थकों की मौजूदगी उन्हें संगठन में सबसे मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित करती दिख रही है। आने वाले समय में यह कार्यकारिणी इंदौर ग्रामीण में पार्टी की रणनीति, संगठन विस्तार और चुनावी प्रबंधन में कैसी भूमिका निभाती है, इस पर सभी गुटों की नजर रहेगी।

Vivek Singh