भारत ने रूस से ऊर्जा निर्भरता कम करने की शुरुआत की: अमेरिकी अधिकारी

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भारत ने रूस  से ऊर्जा निर्भरता कम करने की शुरुआत की: अमेरिकी अधिकारी

भारत ने रूस से ऊर्जा निर्भरता घटाने की दिशा में कदम बढ़ाए: अमेरिकी अधिकारी

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने न्यूयॉर्क के इकोनॉमिक क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत ने रूस से ऊर्जा आपूर्ति पर अपनी निर्भरता कम करने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।

रूस से विविधीकरण की प्रक्रिया शुरू

ग्रीयर ने बताया कि भारत ने 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से तेल खरीद में वृद्धि की थी। हालांकि, अब भारत धीरे-धीरे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रहा है। उन्होंने कहा, "रूस से ऊर्जा खरीद भारत की अर्थव्यवस्था की स्थाई नींव नहीं है। भारत इसके बिना भी प्रगति कर सकता है, और वास्तव में, हम देख रहे हैं कि वे अब विविधीकरण शुरू कर चुके हैं।"

संप्रभु निर्णय लेने का अधिकार

ग्रीयर ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत के विदेशी संबंधों पर नियंत्रण या हस्तक्षेप नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा, "भारत एक संप्रभु देश है और वह अपने निर्णय स्वयं लेगा। हमारा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि रूस की ऊर्जा बिक्री से होने वाली आय कम हो, जिससे यूक्रेन युद्ध के लिए वित्तीय मदद सीमित हो सके।"

भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में प्रगति

ग्रीयर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मतभेदों को सुलझाने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है। उन्होंने बताया कि सितंबर में उन्होंने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मुलाकात की थी, जहां 50% टैरिफ विवाद के समाधान पर चर्चा की गई।

अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% आयात शुल्क भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, झींगा और समुद्री उत्पादों को प्रभावित कर रहा है। यह शुल्क 25% प्रतिशोधात्मक कर और 25% दंडात्मक कर के रूप में लागू है, जो रूसी तेल खरीद से जुड़े हैं।

व्यापार असंतुलन और संभावित समझौता

2024 में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 212.3 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें भारत को 40-45 अरब डॉलर का अधिशेष रहेगा। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य इस व्यापार असंतुलन को घटाना है।

अमेरिका के संभावित अगले भारत राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया था कि दोनों देश एक व्यापार समझौते के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि वार्ताएं अब सूक्ष्म विवरणों (निट्टी-ग्रिट्टी) के स्तर पर पहुंच चुकी हैं और समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है।

निष्कर्ष

अमेरिकी अधिकारी जेमिसन ग्रीयर का यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों में नए आयाम जोड़ सकता है। भारत का रूस से ऊर्जा निर्भरता कम करने का कदम और व्यापारिक विवादों के समाधान की ओर बढ़ते प्रयास द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं।