रूस-पाकिस्तान डील पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना
पाकिस्तान को रूस द्वारा फाइटर जेट इंजन देने की खबरों ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दिया और कहा कि दशकों से भारत का भरोसेमंद साथी रूस अब पाकिस्तान को सैन्य सहयोग देने के लिए तैयार है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि यह इंजन पाकिस्तान के चीन निर्मित फाइटर जेट्स जेएफ-17 में लगाए जाएंगे। इन जेट्स के अपग्रेडेड वर्जन में उन पीएल-15 मिसाइलों का उपयोग होगा, जिनके बारे में दावा किया जाता है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इनका इस्तेमाल किया था। रमेश ने यह भी जोड़ा कि वायुसेना प्रमुख ने पहले ही आशंका जताई थी कि पाकिस्तान ने जेएफ-17 का उपयोग किया हो सकता है।
सरकार पर सवाल
कांग्रेस ने यह भी कहा कि जून 2025 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद रूस ने क्यों पाकिस्तान को सैन्य सहयोग देने का निर्णय लिया, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। पार्टी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी व्यक्तिगत कूटनीति में राष्ट्रीय हित पीछे छूट जाते हैं।
रूस का इनकार
हालांकि, वियोन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक रूसी सूत्र ने स्पष्ट किया है कि क्रेमलिन की पाकिस्तान के साथ ऐसी कोई डील नहीं हुई है। कांग्रेस के आरोप मुख्य रूप से मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, और इस मामले में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निष्कर्ष
यह मामला भारत की विदेश नीति और कूटनीति पर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने सरकार को देश के हितों को प्राथमिकता देने और इस मुद्दे पर स्पष्टता लाने की अपील की है। वहीं, रूस के इनकार के बावजूद, यह विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।