भोपाल हाईकोर्ट की सख्ती, पॉश सोसाइटी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई संभव
भोपाल में एक पॉश सोसाइटी में अवैध निर्माण के मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों और प्रभावशाली कारोबारियों पर आरोप है कि उन्होंने तय निर्माण सीमा से कई गुना अधिक निर्माण किया है। अगर आरोप सही पाए गए, तो बंगलों पर बुलडोजर कार्रवाई संभव है।
लो डेनसिटी जोन में हुआ नियमों का उल्लंघन
यह इलाका भोपाल मास्टर प्लान 2005 के तहत लो डेनसिटी जोन घोषित है, जहां केवल 6% क्षेत्रफल पर निर्माण की अनुमति है। लेकिन आरोप है कि इस नियम की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया।
पर्यावरणीय प्रभाव और जलस्रोतों पर खतरा
कलियासोत बांध के पास स्थित इस क्षेत्र में बढ़ते निर्माण से न केवल पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने का खतरा है, बल्कि जलस्रोतों और हरित क्षेत्र पर भी गंभीर असर पड़ा है।
अगली सुनवाई 24 नवंबर को
कोर्ट ने इस मामले में दो रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, एक उद्योगपति, नगर निगम आयुक्त, शहरी प्रशासन आयुक्त, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डायरेक्टर और सोसाइटी के बिल्डर को प्रतिवादी बनाया है। सभी से विस्तृत जवाब मांगा गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।