भोपाल में कांग्रेस और AIMIM नेताओं की प्रस्तावित बैठक पर सियासी घमासान
भोपाल में कांग्रेस और AIMIM नेताओं की प्रस्तावित बैठक को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में नई हलचल मच गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उस पर AIMIM के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए हैं।
महिला कांग्रेस के पत्र से बैठक की जानकारी सार्वजनिक
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया, जिसके अनुसार मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस (शहर) भोपाल की ओर से पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई थी। इस पत्र में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुफियान कुरैशी, पूर्व महापौर दीपचंद्र यादव और अन्य राजनीतिक व्यक्तियों के साथ एक बैठक आयोजित करने की जानकारी दी गई थी।
पत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया था। इसी पत्र को आधार बनाकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
बीजेपी ने इसे कांग्रेस-AIMIM सांठगांठ का सबूत बताया
आशीष अग्रवाल ने सार्वजनिक रूप से साझा किए गए इस पत्र को कांग्रेस और AIMIM के बीच सांठगांठ का “लिखित प्रमाण” बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस एक ओर सार्वजनिक मंचों पर AIMIM से दूरी बनाए रखने का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर उसके विधायक AIMIM नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
आशीष अग्रवाल ने लिखा कि जब कांग्रेस के विधायक खुलेआम AIMIM नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं, तो यह स्वाभाविक सवाल उठता है कि असली मिलीभगत किसकी है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस लगातार यह कहती रही है कि बीजेपी और AIMIM एक-दूसरे से मिले हुए हैं, लेकिन यह दस्तावेज़ कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी का पलटवार
यह पूरा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ताजा बयान के बाद सामने आया। बीना में एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि बीजेपी-आरएसएस हिंदुओं को डराते हैं और ओवैसी मुसलमानों को डराते हैं। उनके अनुसार, बीजेपी कहती है कि हिंदू खतरे में हैं और असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि मुसलमानों को खतरा है, और दोनों मिलकर राजनीति का खेल खेलते हैं।
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि न हिंदुओं को खतरा है, न मुसलमानों को, और यह कि सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना के दौर में देश का बंटवारा हुआ था, अब मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। उनके मुताबिक, शहरों में हिंदू और मुसलमान अलग-अलग मोहल्लों में सिमटते जा रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है।
संविधान और पहचान पर दिग्विजय सिंह की बात
अपने भाषण में दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि हम सब भारतीय हैं, सबका मालिक एक है और देश संविधान से चलता है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला करते हुए यह आरोप लगाया कि भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं, बल्कि हिंदुत्व के साथ खड़ी है। उनकी राय में हिंदुत्व कोई धर्म नहीं, बल्कि सिर्फ एक पहचान है, और भाजपा लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रही है।
निष्कर्ष: पत्र और बयान से तेज हुआ राजनीतिक विवाद
कांग्रेस और AIMIM नेताओं की प्रस्तावित बैठक से जुड़ा पत्र सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नीति और बयानों में विरोधाभास का उदाहरण बताते हुए राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। दूसरी ओर, यह पूरा विवाद दिग्विजय सिंह के उस बयान की पृष्ठभूमि में खड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने बीजेपी-आरएसएस और ओवैसी पर समुदायों को भय दिखाकर राजनीति करने का आरोप लगाया था। इस घटनाक्रम ने मध्यप्रदेश की सियासत को और अधिक तीखा और टकरावपूर्ण बना दिया है।
Arvind Vishwakarma