भोपाल में सबसे ज्यादा नो-मैपिंग वोटर, पूरे जिले में एसआईआर की प्रक्रिया तेज
मध्यप्रदेश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान प्रदेशभर में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम पुरानी वोटर सूची से मेल नहीं खा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इन सभी जिलों में मतदाता सूची की गहन जांच जारी है।
14.88 लाख मतदाताओं का 2003 की सूची से लिंक नहीं
एसआईआर के दौरान पूरे प्रदेश में 14 लाख 88 हजार 240 ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनके नाम 2003 की वोटर लिस्ट से मैच नहीं हो रहे हैं। इन मतदाताओं का न तो पुरानी सूची से और न ही ब्लड रिलेशन या अन्य रिकॉर्ड से कोई स्पष्ट लिंक स्थापित हो पाया है। इन्हें नो-मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है।
भोपाल सबसे आगे, जबलपुर और ग्वालियर भी शीर्ष पर
55 जिलों में सबसे ज्यादा नो-मैपिंग वोटर भोपाल में दर्ज किए गए हैं, जहां यह अनुपात 9.93 प्रतिशत है। दूसरे स्थान पर जबलपुर 7.22 प्रतिशत के साथ है, तीसरे पर ग्वालियर 7.07 प्रतिशत, चौथे पर इंदौर 6.18 प्रतिशत और पांचवें पर मुरैना 4.29 प्रतिशत के साथ हैं। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि नो-मैपिंग वाले वोटरों की क्रॉस-चेकिंग की जाए, ताकि आगे नोटिस जारी करने में कोई समस्या न हो।
भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में वीआईपी वोटरों से काम अटका
भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में शनिवार शाम तक एसआईआर का काम 100 प्रतिशत पूरा करने की समयसीमा तय थी, लेकिन वीआईपी वोटरों के गणना पत्रक समय पर जमा न होने से यह काम पूरा नहीं हो पाया। मुख्य सचिव अनुराग जैन का गणना पत्रक शनिवार शाम को जमा हुआ। अभी लगभग 1,600 वोटरों का डिजिटलीकरण शेष है, जिनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं।
उत्तर, मध्य, हुजूर में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन, बैरसिया ने सबसे पहले काम पूरा किया
शनिवार को एसआईआर का 33वां दिन संपन्न हुआ। भोपाल जिले की उत्तर, मध्य और हुजूर विधानसभा क्षेत्रों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि रविवार तक दक्षिण-पश्चिम, नरेला और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्रों में भी 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन पूरा कर लिया जाएगा। सबसे पहले बैरसिया विधानसभा की टीम ने 100 प्रतिशत वोटर वेरिफिकेशन का काम पूरा किया था।
21.25 लाख वोटर दर्ज, 3.93 लाख संवेदनशील श्रेणियों में चिह्नित
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के अनुसार, जिले की सातों विधानसभाओं में कुल 21,25,908 मतदाता दर्ज हैं। जिले के 2,029 बीएलओ ने 3,93,000 मतदाताओं को मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित, दोहराव और बिना हस्ताक्षर जैसी श्रेणियों में दर्ज किया है। इन नामों का पब्लिक ऑडिट शनिवार से शुरू हो रहा है।
पब्लिक ऑडिट, राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी और रिकॉर्डिंग
जिन विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर का काम पूरा हो चुका है, वहां बीएलओ प्रत्येक पोलिंग बूथ पर गणना पत्रक पढ़कर सुनाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मृतक श्रेणी में दर्ज कोई व्यक्ति वास्तव में जीवित तो नहीं है। यह प्रक्रिया राजनीतिक दलों के बीएलए की मौजूदगी में होगी। हर दिन की बैठक की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाएगी।
ड्राफ्ट रोल 11 दिसंबर को, लाखों नामों पर निर्णय
यह पूरा काम 10 दिसंबर तक चलेगा और 11 दिसंबर को एसआईआर का ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, 3,93,000 नाम बिना नोटिस के ही मतदाता सूची से हटाए जाएंगे, जबकि 2,11,000 नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस भेजकर दस्तावेज मांगे जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद जिले की मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की दिशा में अगला चरण शुरू होगा।
Adarsh Chaurasiya