भोपाल मेट्रो का शुभारंभ आज, कल से आम यात्रियों के लिए शुरू होगी सेवा

· 1 min read
भोपाल मेट्रो का शुभारंभ आज, कल से आम यात्रियों के लिए शुरू होगी सेवा

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन आज, आम यात्री कल से कर सकेंगे सफर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत आज से हो रही है। इसके साथ ही भोपाल आधिकारिक रूप से मेट्रो सिटी के रूप में दर्ज हो जाएगा। करीब सात साल पहले हुई घोषणा के बाद अब मेट्रो ट्रेनों का संचालन शुरू होने जा रहा है।

उद्घाटन कार्यक्रम और प्रमुख अतिथि

उद्घाटन समारोह कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकॉर्डेड वीडियो संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।

हरी झंडी दिखाने के बाद केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि मेट्रो में सवार होकर सुभाष नगर से एम्स तक की यात्रा करेंगे और रास्ते में सभी स्टेशनों पर ट्रेन रुकेगी।

रूट, स्टेशन और तैयारियां

प्रारंभिक चरण में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर चलाई जाएगी। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन हैं—सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स।

उद्घाटन से पहले सभी स्टेशनों पर तैयारियां तेज की गईं। स्टेशनों को फूलों से सजाया गया है और दिन-रात काम जारी रहा, ताकि उद्घाटन समारोह में कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, बाहर के कुछ काम जैसे स्लोप और सड़क निर्माण अगले तीन महीने तक चलते रहेंगे, लेकिन इनसे मेट्रो के संचालन पर असर नहीं पड़ेगा।

21 दिसंबर से आम यात्रियों के लिए सेवा

आम लोगों के लिए मेट्रो सेवा 21 दिसंबर की सुबह 9 बजे से शुरू होगी। पहला कमर्शियल सफर एम्स स्टेशन से चलेगा। दोनों दिशाओं में मिलाकर प्रतिदिन 17 ट्रिप चलाई जाएंगी, जिनमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं।

यात्रियों की सुविधा: एस्केलेटर, लिफ्ट और कनेक्टिविटी

सभी स्टेशनों पर एस्केलेटर, लिफ्ट और रैम्प की व्यवस्था की गई है। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एमपी नगर स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं, ताकि दोनों तरफ से यात्रियों की आवाजाही आसान हो सके।

रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को फुट ओवरब्रिज के जरिए रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया है, जिससे रेल यात्री सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचकर आगे की यात्रा कर सकेंगे। इसी तरह एम्स स्टेशन पर भी फुट ओवरब्रिज के माध्यम से सीधे एम्स कैंपस में उतरने की सुविधा दी गई है।

किराया संरचना और टिकट व्यवस्था

भोपाल मेट्रो में फिलहाल टिकट ऑनलाइन के बजाय मैनुअल काउंटर से ही मिलेंगे। किराया 3 जोन में विभाजित किया गया है। कुल 8 स्टेशनों में पहले दो स्टेशनों की यात्रा पर 20 रुपए, 3 से 5 स्टेशन की दूरी पर 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन की दूरी पर 40 रुपए किराया रखा गया है।

उदाहरण के तौर पर, डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन तक जाने पर 20 रुपए और डीबी मॉल से एम्स तक जाने पर 40 रुपए किराया देना होगा।

इंदौर मेट्रो की तरह भोपाल में शुरुआती दिनों के लिए न तो मुफ्त यात्रा और न ही किराए में छूट दी गई है। इंदौर में कमर्शियल रन के शुरुआती 7 दिन यात्रा मुफ्त थी और एक महीने तक 25% से 75% तक रियायत दी गई थी, लेकिन भोपाल में यह मॉडल लागू नहीं किया गया।

तकनीक, ऊर्जा बचत और कोच

मेट्रो के ट्रैक के नीचे रबर बेस पैड और साउंड बैरियर लगाए गए हैं, ताकि कंपन और शोर का असर आसपास की इमारतों तक न पहुंचे। रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक के माध्यम से ब्रेक लगाने पर उत्पन्न ऊर्जा को बिजली में बदलकर लगभग 30% ऊर्जा की बचत की जाती है।

भोपाल मेट्रो देश की पहली ऐसी मेट्रो बताई गई है, जिसके सभी कोच पूरी तरह भारत में बने हैं। ये कोच गुजरात के सवली प्लांट में तैयार किए गए हैं। ये आल्सटॉम की मोविया सीरीज के कोच हैं, जिनकी श्रृंखला लंदन और सिंगापुर जैसी मेट्रो में भी उपयोग होती है। कोचों में वेंटिलेशन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है।

पार्किंग की कमी और चुनौतियां

मेट्रो के सभी 8 स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। किसी भी स्टेशन पर आधिकारिक पार्किंग उपलब्ध नहीं दिखाई दी। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एम्स स्टेशनों के आसपास कुछ गाड़ियां खड़ी होने की सीमित संभावना है, लेकिन केंद्रीय स्कूल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी स्टेशनों के पास पर्याप्त जगह नहीं है।

जहां निजी पार्किंग उपलब्ध है, वहां के चार्ज मेट्रो के किराए से भी अधिक बताए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों के लिए अतिरिक्त खर्च का जोखिम है। मेट्रो के प्रबंध निदेशक कृष्ण एस. चैतन्य के अनुसार, स्टेशनों पर दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है और प्रयास है कि यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।

निष्कर्ष

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन राजधानी के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग और देश में निर्मित कोचों के साथ यह परियोजना स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय है। हालांकि, पार्किंग जैसी बुनियादी चुनौतियों के समाधान की दिशा में आगे और काम करने की जरूरत बनी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग मेट्रो सेवा का सहज उपयोग कर सकें।

L. N. Bhargava