भोपाल मेट्रो के फेज-2 और ब्लू लाइन पर तेजी, अंडरग्राउंड स्टेशन भी बनेंगे
भोपाल में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद अब ऑरेंज लाइन के फेज-2 और ब्लू लाइन के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। शहर 20 दिसंबर को देश का 26वां मेट्रो सिटी बना और 21 दिसंबर से प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल रन शुरू हो गया।
ऑरेंज लाइन फेज-1: एम्स से सुभाषनगर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर
ऑरेंज लाइन के फेज-1 में एम्स से सुभाषनगर तक मेट्रो संचालन शुरू हो चुका है। यह प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर का है, जबकि कुल ट्रैक लगभग 7 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस तिराहा, अलकापुरी और एम्स सहित 8 स्टेशन बनाए गए हैं।
20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया। 21 दिसंबर से नियमित कमर्शियल रन शुरू हुआ, जिसके तहत प्रतिदिन 17 ट्रिप चलाई जा रही हैं और दो दिनों में 10 हजार से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।
ऑरेंज लाइन फेज-2: सुभाषनगर से करोंद तक विस्तार
ऑरेंज लाइन के फेज-2 में सुभाषनगर से करोंद तक मेट्रो ट्रैक की कुल प्रस्तावित दूरी 9.74 किलोमीटर है, जिसमें से 8.77 किलोमीटर पर निर्माण होना है। इस हिस्से में 5.38 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन होगा, जहां छह एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा स्टेशन शामिल हैं। इस एलिवेटेड हिस्से पर लगभग 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे और काम शुरू हो चुका है।
फेज-2 के बाकी 3.39 किलोमीटर हिस्से पर अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस भूमिगत हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर दो अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। इस पूरे अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट पर लगभग 890 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस रूट पर आरा मशीनें और अन्य अतिक्रमण जैसी बाधाएं थीं, जिनमें से अधिकांश हटाई जा चुकी हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन के बाद अंडरग्राउंड टनल बनाने वाली मशीनों के लिए जमीन को समतल कर दिया गया है।
पूरे रूट की कुल लंबाई और भविष्य की योजना
ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक और ब्लू लाइन भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक बनाई जा रही है। दोनों रूट की संयुक्त लंबाई लगभग 30.9 किलोमीटर होगी। योजना के अनुसार, भविष्य में शहरवासी करोंद से एम्स तक कुल 16.74 किलोमीटर लंबे रूट पर निर्बाध मेट्रो सेवा का उपयोग कर सकेंगे।
ब्लू लाइन: भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक
भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच करीब 13 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर प्रस्तावित ब्लू लाइन के लिए तैयारियां जारी हैं। इस रूट के लिए लगभग 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग की जा चुकी है। मिट्टी के परीक्षण से यह तय किया गया है कि एलिवेटेड ट्रैक के पिलर कहां-कहां बनेंगे और नींव की संरचना कैसी होगी। इस रूट पर लगभग 1006 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
ब्लू लाइन पर कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, केटीसीसी, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा स्टेशन शामिल हैं। एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर के सामने प्रस्तावित है, जो राजभवन के ठीक सामने होगा।
इंटरचेंज सेक्शन: ऑरेंज और ब्लू लाइन का मिलन बिंदु
ब्लू लाइन पर 14वें स्टेशन के रूप में बोगदा पुल के पास इंटरचेंज सेक्शन विकसित किया जा रहा है। यहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन एक-दूसरे से जुड़ेंगी। यह ऐसा बिंदु होगा जहां यात्री एक मेट्रो लाइन से उतरकर दूसरी लाइन में आसानी से सवार हो सकेंगे।
पुल बोगदा के पास का यह हिस्सा सुभाषनगर से एम्स तक के प्रायोरिटी ट्रैक के निकट होने के कारण, इंटरचेंज सेक्शन पर भी काम शुरू किया जा चुका है और वहां यातायात का मार्ग डायवर्ट किया गया है।
भोपाल मेट्रो में सफर से जुड़ी प्रमुख नियमावली
भोपाल मेट्रो में यात्रा के दौरान कई प्रकार के नियम लागू किए गए हैं। यात्रियों को पालतू पशु-पक्षी के साथ यात्रा की अनुमति नहीं होगी। सीलबंद दो बोतल शराब लेकर चलने की अनुमति हो सकती है, लेकिन खुले रूप में शराब ले जाना प्रतिबंधित है।
यात्री पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस, लाइटर, गुटखा, तंबाकू और सूखा नाश्ता जैसे सामान साथ नहीं ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच की अनुमति है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल रेडियो संचार उपकरण और कैमरा लेकर चलने पर रोक रहेगी। संक्रामक रोग से ग्रसित, मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान या असंयमी तथा नशे में धुत यात्री मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे।
मेट्रो में यात्रियों के सामान के वजन पर भी सीमा तय की गई है। एक यात्री अधिकतम 25 किलोग्राम तक का सामान ही साथ ले जा सकता है। थूकने जैसे कृत्यों पर भी जुर्माने की व्यवस्था की गई है।
कमर्शियल रन पर यात्रियों की प्रतिक्रिया
कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो ने सुबह 9 बजे एम्स स्टेशन से चलकर सुभाषनगर स्टेशन तक लगभग 30 मिनट में यात्रा पूरी की। इस दौरान करीब 100 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे। यात्रियों ने नई मेट्रो सेवा को लेकर उत्साह और खुशी जताई।
शुभारंभ के दिन मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने भी मेट्रो में यात्रा की और परियोजना को शहर की महत्वपूर्ण परिवहन सुविधा के रूप में वर्णित किया। इसके साथ ही, प्रशासन का फोकस अब तेजी से शेष रूटों के निर्माण को आगे बढ़ाने पर है, ताकि भविष्य में पूरा नेटवर्क शहरवासियों के लिए उपलब्ध हो सके।
L. N. Bhargava