मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है और घने कोहरे ने आम जनजीवन के साथ यातायात को भी प्रभावित किया है।
घना कोहरा और 'जीरो विजन' जैसी स्थिति
ग्वालियर, रीवा और सतना सहित उत्तर मध्य प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रह रही है, जो 'जीरो विजन' जैसी स्थिति बना रही है। दमोह, खजुराहो, नौगांव, मुरैना, सीधी, दतिया, इंदौर, भोपाल, राजगढ़, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह 6 से 8 बजे के बीच घना कोहरा दर्ज किया जा रहा है।
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में घना कोहरा छाया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन और विदिशा में मध्यम कोहरे का असर दिखाई दे रहा है।
अगले दिनों का मौसम और तापमान में गिरावट
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, बुधवार रात से ठंड और तेज होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में अगले दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक अतिरिक्त गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले पांच दिनों तक मौसम साफ रहने और कहीं भी बारिश न होने का अनुमान है। कोहरे का असर दो दिन बाद कुछ कम हो सकता है, लेकिन ठंड में और बढ़ोतरी की आशंका है।
ट्रेनों पर कोहरे का असर
घने कोहरे की वजह से दिल्ली से मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस रोजाना लगभग 4 से 5 घंटे देरी से पहुंच रही है। शताब्दी, सचखंड सहित अन्य ट्रेनों की समयसारणी पर भी कोहरे का प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान की स्थिति
पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 4.6 डिग्री, मंदसौर में 5.7 डिग्री, जबकि रीवा, खजुराहो और उमरिया में 6 डिग्री दर्ज किया गया।
शाजापुर में 6.1 डिग्री, नौगांव और राजगढ़ में 6.6 डिग्री, दतिया में 6.9 डिग्री, मलाजखंड में 7.5 डिग्री, सतना में 7.6 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, रायसेन में 8.5 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.2 डिग्री, खरगोन में 9.6 डिग्री, बैतूल में 9.7 डिग्री और छिंदवाड़ा में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
प्रदेश के पांच बड़े शहरों में रात का तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया: भोपाल 7.4 डिग्री, इंदौर 6.4 डिग्री, ग्वालियर 8.5 डिग्री, उज्जैन 9.8 डिग्री और जबलपुर 8.9 डिग्री सेल्सियस।
नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी
इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे अधिक दिनों की शीतलहर मानी जा रही है। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंचा, जो उस तारीख का ओवरऑल रिकॉर्ड है। इससे पहले 30 नवंबर 1941 को तापमान 6.1 डिग्री दर्ज हुआ था।
इंदौर में भी इस सीजन में रात का तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो 25 साल में सबसे अधिक गिरावट मानी जा रही है। दिसंबर में इंदौर में तापमान सबसे कम स्तर पर रहा और भोपाल में भी पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया।
दिसंबर-जनवरी में ठंड का सामान्य ट्रेंड
मौसम विभाग के अनुसार, जैसे मानसून के चार महीनों में जुलाई और अगस्त सबसे अधिक बारिश वाले होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के महीने माने जाते हैं। इन दो महीनों में उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान में बड़ी गिरावट का कारण बनती हैं और तेज सर्द हवाएं चलती हैं।
पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई बार बौछारें भी पड़ती हैं, जिससे दिन के समय भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। इस साल भी कई पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं, जिनके असर से मध्य प्रदेश में शीतलहर और कड़ाके की ठंड बनी हुई है।
भोपाल में दिसंबर का तापमान और बारिश के रिकॉर्ड
भोपाल में पिछले दस में से पांच साल दिसंबर में बारिश दर्ज की गई है, जहां आधा से तीन-चौथाई इंच तक वर्षा हुई। हालांकि इस बार दिसंबर में अब तक बारिश नहीं हुई है। 11 दिसंबर 1966 की रात को भोपाल का न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज हुआ था, जो अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 2021 में भी दिसंबर में तापमान 3.4 डिग्री तक पहुंच चुका है।
इंदौर में दिसंबर की ठंड और बारिश
इंदौर में दिसंबर के दौरान रात का सामान्य तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले वर्ष यह 8.6 डिग्री तक दर्ज हुआ था। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, दिन का तापमान सामान्यतः 28 से 31 डिग्री के बीच रहता है। दिसंबर में यहां बारिश भी होती रही है और पिछले चार साल से लगातार वर्षा दर्ज की जा रही थी, लेकिन इस बार अब तक बारिश नहीं हुई है।
31 दिसंबर 2015 को इंदौर का अधिकतम दिन का तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। 27 दिसंबर 1936 को रात का तापमान 1.1 डिग्री तक गिरा, जो रिकॉर्ड न्यूनतम है। दिसंबर 1967 में कुल मासिक बारिश 108.5 मिमी (करीब 4.2 इंच) दर्ज की गई, जबकि 17 दिसंबर 2009 को 24 घंटे में 53 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई थी।
ग्वालियर: तेज ठंड और कोहरा
ग्वालियर में दिन के तापमान में हल्की गर्माहट और रात में तेज ठंड का मिश्रित ट्रेंड देखा जाता है। पिछले दस साल में यहां अधिकतम दिन का तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 1.8 से 6.9 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। इस बार भी ग्वालियर में तेज ठंड के साथ घना कोहरा छाया हुआ है।
6 दिसंबर 2006 को यहां दिन का तापमान 32.1 डिग्री तक पहुंचा था। 26 दिसंबर 1961 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री दर्ज हुआ था। वर्ष 1997 में दिसंबर में कुल 106.6 मिमी (करीब 4.1 इंच) बारिश हुई, जबकि 13 दिसंबर 2013 को 24 घंटे में 32.1 मिमी (करीब 1.2 इंच) वर्षा दर्ज की गई थी।
जबलपुर में सर्दी का प्रभाव
जबलपुर में भी इस बार कड़ाके की ठंड का दौर जारी है, हालांकि दिसंबर में अब तक बारिश नहीं हुई है। 28 दिसंबर 1960 को यहां अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि 28 दिसंबर 1902 की रात को न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री दर्ज हुआ था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 में दिसंबर में कुल 125 मिमी (करीब 4.9 इंच) बारिश दर्ज की गई थी और 16 दिसंबर 1885 को 24 घंटे में 68.1 मिमी (करीब 2.6 इंच) बारिश हुई थी।
उज्जैन में भी कड़ाके की ठंड
उज्जैन में दिसंबर के दौरान दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात का औसत तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस महीने औसतन 4.6 मिमी बारिश होती है और पिछले पांच साल से दिसंबर में यहां बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन इस बार अब तक एक भी दिन वर्षा नहीं हुई है।
18 दिसंबर 2002 को उज्जैन में दिन का तापमान 34.9 डिग्री दर्ज हुआ था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री तक पहुंचा था। वर्ष 1997 में दिसंबर में कुल 119.4 मिमी (करीब 4.7 इंच) बारिश हुई, जबकि 11 दिसंबर 1967 को 24 घंटे में 35.3 मिमी (करीब 1.3 इंच) वर्षा दर्ज की गई थी।
निष्कर्ष: ठंड और कोहरे का दौर जारी
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के असर से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे का सिलसिला जारी है। तापमान में और गिरावट की संभावना के बीच लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है, जबकि रेल यातायात और सड़क परिवहन कोहरे के कारण प्रभावित हो रहे हैं।
Arvind Vishwakarma