विजय माल्या और ललित मोदी का वायरल वीडियो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोर्ट पेशी पर सवाल उठाए
आर्थिक अपराधों के मामलों में फंसे विजय माल्या और ललित मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ललित मोदी खुद को और विजय माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े कहता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो विजय माल्या के जन्मदिन समारोह का बताया गया है, जिसे ललित मोदी ने 22 दिसंबर को खुद पोस्ट किया, जबकि यह खबर 23 दिसंबर को मीडिया में सामने आई। वीडियो में विजय माल्या अपनी पार्टनर पिंकी लालवानी के साथ मुस्कुराते नजर आते हैं।
ललित मोदी की पोस्ट और वायरल होता वीडियो
वीडियो के साथ ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चलो, फिर से इंटरनेट हिला देता हूं, खासकर मीडिया वालों के लिए, और लोगों से जलन के साथ देखने को कहा। इस टिप्पणी के चलते वीडियो पर और अधिक चर्चा शुरू हो गई। दोनों पहले से ही भारत में आर्थिक अपराध और वित्तीय अनियमितताओं के कारण विवादों में हैं, जिससे यह वीडियो खास तौर पर सुर्खियों में आ गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल: माल्या भारत कब लौटेंगे
इसी बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को विजय माल्या से पूछा कि वह भारत कब लौटेंगे। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक माल्या भारत आकर अदालत के अधिकार क्षेत्र में पेश नहीं होते, उनकी याचिका पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ेगी। माल्या ने फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट और उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के फैसले को चुनौती दी है।
ईडी की दलील और प्रत्यर्पण की स्थिति
चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच के सामने हुई सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि विदेश में रहकर भारतीय कानून को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अदालत को बताया कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
विजय माल्या के वकील ने कोर्ट में यह दावा किया कि बैंकों की काफी हद तक वित्तीय देनदारी वसूल हो चुकी है, लेकिन अदालत ने कहा कि आपराधिक जिम्मेदारी केवल अदालत के सामने पेश हुए बिना समाप्त नहीं हो सकती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि माल्या को व्यक्तिगत रूप से अदालत के अधिकार क्षेत्र में आना होगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की गई है।
कौन हैं विजय माल्या और कब घोषित हुए भगोड़ा
विजय माल्या 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं। 2019 में उन्हें आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। उन पर भारतीय बैंकों का बड़ा कर्ज बकाया रहने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप दर्ज हैं, जिनके चलते उनके खिलाफ विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं और भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण की कोशिश में है।
ललित मोदी के खिलाफ आरोप और भारत से प्रस्थान
ललित मोदी 2005 से 2009 तक राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत की। बीसीसीआई ने उन्हें आईपीएल का अध्यक्ष और कमिश्नर बनाया। 2010 में उन पर आईपीएल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।
ललित मोदी ने मॉरीशस की कंपनी वर्ल्ड स्पोर्ट्स को आईपीएल का 425 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। उन पर 125 करोड़ रुपये कमीशन लेने के आरोप लगे और यह भी कहा गया कि दो नई टीमों की नीलामी के दौरान उन्होंने गलत तरीके अपनाए।
2010 में आईपीएल के तीसरे सीजन के फाइनल के तुरंत बाद बीसीसीआई ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया। इसी वर्ष उन्होंने अंडरवर्ल्ड से धमकियों का हवाला देते हुए भारत छोड़ दिया और लंदन चले गए। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर’ नोटिस जारी कराया और उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर लगातार बनी हुई है चर्चा
विजय माल्या और ललित मोदी दोनों ही लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं, लेकिन भारत में उनके खिलाफ चल रहे मामलों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। हाल ही में विजय माल्या ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल ट्रॉफी जीतने पर बधाई दी थी, जिस पर भी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनकी वित्तीय देनदारियों को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की थीं। नया वायरल वीडियो और अदालत की सख्त टिप्पणियां इन दोनों व्यक्तियों के कानूनी और सार्वजनिक जीवन को फिर से सुर्खियों में ले आई हैं।
Vivek Singh