भोपाल यूथ कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अमित खत्री के खिलाफ गंभीर आरोप, पीसीसी में प्रदर्शन
भोपाल युवा कांग्रेस के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष अमित खत्री के खिलाफ एक सप्ताह में दूसरी बार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) में प्रदर्शन हुआ। दो दर्जन से अधिक युवक और युवतियां हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने खत्री को बलात्कार और एससी/एसटी एक्ट के मामले में आरोपी बताते हुए पद से हटाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों की मांग: रेप और एससी/एसटी मामले के आरोपी को हटाया जाए
पीसीसी के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने तख्तियों पर लिखे नारे दिखाए, जिन पर बलात्कार और एससी/एसटी के आरोपी अमित खत्री के खिलाफ विरोध संदेश लिखे थे। कुछ तख्तियों पर राहुल गांधी से न्याय की अपील भी दर्ज थी।
युवा कांग्रेस की कार्यकर्ता कनक चौहान ने कहा कि अमित खत्री, जिन्हें युवा कांग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाया गया है, उनके खिलाफ एससी/एसटी और रेप जैसे गंभीर आरोप हैं। उनका कहना था कि ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस में जिला अध्यक्ष के पद पर बने नहीं रहना चाहिए, इसलिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए।
कनक चौहान ने यह भी कहा कि यदि अमित खत्री का दावा है कि एफआईआर में जिस अमित खत्री का नाम दर्ज है, वह वे नहीं हैं, तो उन्हें इस संबंध में एफिडेविट देकर साफ करना चाहिए कि वे वही व्यक्ति नहीं हैं। उनके अनुसार, इस मुद्दे को लेकर वे जीतू पटवारी के पास भी गए और आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में शामिल होंगे और वहां राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे। वे वहां भी यह मांग उठाएंगे कि अमित खत्री को उनके पद से हटाया जाए।
अमित खत्री की सफाई: आरोप निराधार, करेंगे कानूनी कार्रवाई
विरोध प्रदर्शन के बाद युवा कांग्रेस के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी तरफ से सफाई दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में युवा कांग्रेस के चुनाव में अंकित दुबे का आपराधिक रिकॉर्ड पाए जाने पर उनका चुनाव निरस्त कर दिया गया और भारतीय युवा कांग्रेस ने उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया।
खत्री ने आरोप लगाया कि भोपाल के कुछ षड्यंत्रकारी नेताओं की अगुआई में उनके खिलाफ भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कहा जा रहा है कि बिलखिरिया थाने में उनके खिलाफ गंभीर अपराध पंजीबद्ध है, जबकि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने अपना पूरा नाम अमित खत्री पिता हीरालाल खत्री बताते हुए कहा कि वे इस मामले में अब कानूनी कार्रवाई करेंगे।
पद परिवर्तन और विवाद की पृष्ठभूमि
इससे पहले भोपाल शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर विवाद सामने आ चुका है। यूथ कांग्रेस ने आदेश जारी कर जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया था। उनके स्थान पर चुनाव में फर्स्ट रनर-अप रहे अमित खत्री को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया था।
अमित खत्री की नियुक्ति के बाद ही एक नया विवाद खड़ा हुआ, जब उनके खिलाफ महिलाओं के एक समूह ने प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने कांग्रेस कार्यालय पर पहुंचकर उन पर रेप के आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया और राहुल गांधी के नाम के बैनर के साथ सुरक्षा की मांग भी की थी।
विवाद का अगला चरण
अमित खत्री पर लगे आरोपों और उनके खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच संगठनात्मक स्तर पर अब तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारी जहां पार्टी नेतृत्व से सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, वहीं खत्री इन आरोपों को गलत बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाने की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद पर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Navjeet Kaur