बिहार चुनाव में बागियों ने बिगाड़ा समीकरण
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों पर प्रत्याशी फाइनल होने के बाद चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। 24 सीटों पर बागी प्रत्याशी मैदान में हैं, जोदोनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं।
बागियों का असर और प्रमुख सीटें
बिहार में <35 नेता> टिकट कटने के बाद अपनी पार्टी के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। इनमें भागलपुर, चकाई, पटना सिटी, गोपालगंज और छपरा जैसी प्रमुख सीटों पर बागी अपने ही पार्टी के प्रत्याशियों को हराने की कोशिश कर रहे हैं। NDA में सबसे ज्यादा बागी दिखाई दे रहे हैं, वहीं महागठबंधन में भी कांग्रेस और राजद के बीच कई सीटों पर आमने-सामने की स्थिति है।
महागठबंधन की सीटों पर फ्रेंडली फाइट
महागठबंधन के घटक दलों के बीच नरकटियागंज, बिहारशरीफ, सुल्तानगंज और वैशाली समेत 10 सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही है। कांग्रेस और राजद के प्रत्याशी कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार और उनका प्रभाव
बिहार में पिछले तीन चुनावों से निर्दलीय उम्मीदवारों का वोट शेयर घटता जा रहा है। 2020 में 3976 निर्दलीय मैदान में उतरे थे, लेकिन इनमें से केवल एक जीत सका। बावजूद इसके, बागियों की मौजूदगी इस बार समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
विशेष रूप से, चकाई, पटना सिटी, गोपालगंज और बरबीघा जैसे क्षेत्रों में बागी उम्मीदवारों की वजह से मुकाबला कठिन होता दिख रहा है। 6 नवंबर को पहले चरण के लिए मतदान होगा।
Rajesh Agnihotri