गोवर्धन पर्व पर मुख्यमंत्री का संदेश
भोपाल के रवीन्द्र भवन में गोवर्धन पर्व का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गौपालन और प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर दिया।
गौ माता और संस्कृति का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ माता हमारी संस्कृति का केंद्र है। उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी गोपाल सेना का उदाहरण देते हुए गौ पालन और ग्रामीण जीवन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो गाय पाले वही गोपाल कहलाता है और मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन में देश की राजधानी बनाना हमारा लक्ष्य है।
प्राकृतिक खेती और जैविक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक खेती में रसायनों के उपयोग से समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की वकालत की, जिसमें गाय के गोबर और गौमूत्र का उपयोग शामिल है। उन्होंने बताया कि इससे फसल की गुणवत्ता और ताकत में वृद्धि होती है।
गौशालाओं और स्वाबलंबी योजनाओं का प्रयास
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कार्यक्रम में बताया कि सरकार गायों को सड़कों से हटाने और उनकी देखभाल के लिए स्वाबलंबी गौशालाएं बना रही है। इन गौशालाओं में 5,000 से 25,000 गौवंश तक रखे जा सकेंगे।
मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन में अग्रणी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने गौ पालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। उनका लक्ष्य है कि दूध उत्पादन में एमपी देश में पहले स्थान पर पहुंचे और दूध की राजधानी के रूप में पहचाना जाए।
त्योहारों का संदेश समझने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर त्योहार में कोई न कोई संदेश छिपा होता है। उन्होंने समाज और सरकार से त्योहारों को समझने और उनके पीछे के संदेश को अपनाने की अपील की।
Ravi Yadav