बिहार में चुनाव कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम गठित
आरा जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए चुनाव प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला अधिकारी तनय सुल्तानिया ने 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक स्वास्थ्य जांच के लिए एक विशेष मेडिकल टीम गठित की है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि 400 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी बीमारी का हवाला देकर चुनाव कार्य से अलग होने की मांग की है।
चुनाव कर्मचारियों की भागने की कोशिश
विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच बड़ी संख्या में चुनाव कर्मचारियों ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए आवेदन जमा किए हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी आवेदनों की जांच के लिए एक मेडिकल टीम बनाई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि सभी कर्मचारी अपने बीमारी से संबंधित दस्तावेज लेकर जांच कैंप में आएं।
मेडिकल टीम का गठन
स्वास्थ्य जांच के लिए गठित मेडिकल टीम में 20 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। इनमें डॉ. एमएच अंसारी, डॉ. कुमार नितिश, डॉ. चेतना, डॉ. एसके प्रसाद, डॉ. रामूति कुमार, डॉ. विकास सिंह और अन्य चिकित्सकों को शामिल किया गया है। यह टीम सभी कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति का गहन निरीक्षण करेगी।
कठोर कार्रवाई का निर्देश
डीएम तनय सुल्तानिया ने यह भी साफ कर दिया है कि जांच में बीमारी का प्रमाण न मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
इस पहल से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। भोजपुर जिले में यह कदम चुनाव प्रक्रिया की सफलता और कर्मचारी अनुशासन को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
आरा जिले में इस तरह की स्वास्थ्य जांच पहल से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग और कर्मचारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी। डीएम का यह कदम न केवल चुनाव प्रक्रिया को मज़बूत करेगा बल्कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी करेगा।