बिहार में नई सरकार का फॉर्मूला: भाजपा को CM, गृह मंत्रालय, JDU को डिप्टी CM
भाजपा-जदयू में 15-15 मंत्री, अन्य दलों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
बिहार में नई सरकार का गठन होने जा रहा है, जिसमें भाजपा और जदयू दोनों 15-15 मंत्री पद साझा करेंगे। चिराग पासवान की LJP(R) को 2 और जीतन राम मांझी की HAM व उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 1-1 मंत्री पद मिल सकता है। संभावना है कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार शपथ लेंगे, जबकि अन्य मंत्रियों का शपथ ग्रहण बाद में होगा।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा पहली बार बिहार में बड़े भाई की भूमिका में सत्ता संभालेगी। पार्टी अब बराबरी की नहीं, बल्कि बड़े भाई की भूमिका में दिखेगी। इसकी झलक 15 अप्रैल को बनने वाली नई सरकार में नजर आ सकती है।
नए मंत्रिमंडल में 15-15 का फॉर्मूला लागू होगा। मतलब, जदयू कोटे से 15 और भाजपा के हिस्से से 15 मंत्री नई कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री पद जदयू को मिलेगा। नई सरकार में जदयू की भूमिका छोटे भाई में बदलने जा रही है। 20 साल से जदयू बड़े भाई की भूमिका में सरकार चला रही थी।
भाजपा ने जदयू को जोर का झटका धीरे से दिया है। नई सरकार में जदयू के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी छीन ली है। इसके बदले पुराने फॉर्मूला वाली कुर्सी भी नहीं देने जा रही है। जदयू को स्पीकर पद नहीं मिलेगा। भाजपा इसे अपने पास रखेगी। जदयू पहले ही गृह विभाग से हाथ धो चुकी है। भाजपा नई सरकार में गृह मंत्रालय भी अपने पास रखेगी। पार्टी के बड़े प्रोफाइल के नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि भाजपा स्पीकर और गृह विभाग जदयू को नहीं देने जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह और जदयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच डील फाइनल हो गई है।
नई सरकार में मंत्रियों के विभाग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार कई मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे। जदयू सूत्रों की माने तो मौजूदा फार्मूला के पोर्टफोलियो में बदलाव होगा। भारी भरकम और पॉवरफुल मिनिस्ट्री भाजपा के हाथों में होने की संभावना है।
मौजूदा सरकार में कुल 26 मंत्री (मुख्यमंत्री समेत) हैं। इनमें भाजपा के 13 और जदयू के 9 मंत्री शामिल हैं। LJP (R) के 2 और HAM व RLM के 1-1 मंत्री हैं। JDU से 6 और भाजपा से 5 मंत्री पद खाली रखा गया है। नितिन नवीन मंत्री बने थे, लेकिन भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के चलते इस्तीफा दे दिया था। नियम के मुताबिक बिहार में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 36 हो सकती है।
नीतीश कैबिनेट में स्पीकर और गृह विभाग दोनों भाजपा के खाते में है। दोनों पद काफी अहम हैं। गृह मंत्री पावर के लिहाज से महत्वपूर्ण है तो स्पीकर पद सियासी रूप से।
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा विधायक दल नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। उनकी देखरेख में बिहार के नए मुख्यमंत्री चुने जाएंगे। जो भाजपा विधायक दल का नेता होगा, वही मुख्यमंत्री होगा। हां, भाजपा विधायकों द्वारा तय किए गए नाम पर एनडीए के बाकी चार दलों की भी सहमति ली जाएगी। यह काम एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘मैं कार्यकर्ता हूं। कार्यकर्ता के नाते जो भी काम मिलता है, उसको पूरी ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ करना मेरा कर्तव्य है। जो भी दायित्व पार्टी दी है, उसे पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।’
Ravi Yadav