बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : नामांकन प्रक्रिया तेज़, अब तक 11.83 करोड़ की जब्ती

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : नामांकन प्रक्रिया तेज़, अब तक 11.83 करोड़ की जब्ती

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: नामांकन प्रक्रिया शुरू और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज़ हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने नामांकन प्रक्रिया की अधिसूचना जारी की है, जिसमें 17 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तिथि, 18 अक्टूबर को स्क्रूटनी और 20 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है।

नामांकन प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजाम

पटना जिले की सभी 14 विधानसभा सीटों के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र भरा जा सकता है। इसके लिए समाहरणालय के अलावा पटना सिटी, दानापुर, मसौढ़ी, पालीगंज अनुमंडल कार्यालयों और बिक्रम के बीडीओ कार्यालय को नामांकन केंद्र बनाया गया है।

चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें 8.5 लाख से ज्यादा कर्मियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

मतदाता जागरूकता और अभियान

प्रशासन ने मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान और जन-संपर्क कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आचार संहिता और जब्ती कार्रवाई

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में निगरानी और जब्ती की कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से जारी रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 11.83 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।

प्रशासन ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त अभियान भी चलाया है। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस, आबकारी विभाग, आयकर विभाग, नारकोटिक्स ब्यूरो, सीमा शुल्क विभाग और फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें शामिल हैं।

वोटर हेल्पलाइन और अपील

मतदाताओं की सहायता के लिए जिलाधिकारी ने वोटर हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 1950 जारी किया है। मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी हर समस्या का समाधान यहां मिलेगा। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे बिना किसी भय या प्रलोभन के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं। साथ ही, मतदाताओं को जागरूक करने के प्रयास जारी हैं। यह चुनाव न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।