गाजियाबाद के सांसद ने गांधी जी की अहिंसा पर सवाल उठाए
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद अतुल गर्ग ने रामलीला के मंच से महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर सवाल खड़े किए। गुरुवार को महात्मा गांधी की जयंती और विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विवादित बयान दिया।
रामलीला मंच से उठाए सवाल
रामलीला मंच पर भाषण देते हुए सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि गांधीजी ने शांति के लिए सत्य और अहिंसा का मार्ग बताया, लेकिन यह समझना जरूरी है कि अगर शांति बिना हथियारों के संभव होती, तो देवी-देवताओं के हाथों में हथियार क्यों होते? उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो हथियारों की पूजा करता है।
हथियारों की पूजा और लोकतंत्र पर टिप्पणी
सांसद ने अपने बयान में कहा कि हमें शांति के नाम पर गुलाम बना दिया गया और बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों का वध करना आवश्यक है। उन्होंने भारत की तरक्की के लिए पाकिस्तान को घुसकर मारने और अपने घरों में हथियार बनाने की बात कही।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का समर्थन
अतुल गर्ग ने अपने बयान में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के हालिया बयान का भी समर्थन किया। भोपाल में विहिप द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में साध्वी ने हिंदुओं से घर में हथियार रखने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि धारदार हथियार रखने चाहिए ताकि परिवार अपनी रक्षा कर सके।
विवाद और प्रतिक्रिया
सांसद के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। गांधीजी की अहिंसा पर सवाल उठाने और हथियारों की वकालत करने वाले बयान को लेकर विभिन्न पक्षों से कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है।
निष्कर्ष
महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर सवाल उठाना और हथियारों की पूजा की वकालत करना, इन बयानों ने नई बहस को जन्म दिया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और चर्चाएं हो सकती हैं।