प्रशांत किशोर का राजद पर हमला, मुस्लिम नेताओं को दी चुनौती

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प्रशांत किशोर  का राजद पर हमला, मुस्लिम नेताओं को दी चुनौती

प्रशांत किशोर ने राजद पर साधा निशाना

जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला करते हुए पार्टी की ‘माय-MY’ राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राजद के मुस्लिम नेताओं से आग्रह किया कि वे पार्टी से अपनी आबादी के हिसाब से 40 सीटों की मांग करें। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यदि मुस्लिम नेता ऐसा कहें तो लालू यादव और तेजस्वी यादव उन्हें मना नहीं कर पाएंगे।

राजद के मुस्लिम नेताओं को दी चुनौती

प्रशांत किशोर ने कहा कि अब्दुल बारी सिद्दीकी और अली अशरफ फातमी जैसे राजद के बड़े मुस्लिम नेताओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को राजद से यह स्पष्ट कहना चाहिए कि मुसलमानों के वोट से ही पार्टी को ताकत मिलती है और उन्हें उनकी जनसंख्या के हिसाब से भागीदारी दी जानी चाहिए। किशोर ने सुझाव दिया कि यदि राजद ऐसा नहीं करती है तो मुस्लिम नेताओं को अपने पद छोड़ने की धमकी देनी चाहिए।

लालू और तेजस्वी पर गंभीर आरोप

प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान नेताओं को यह समझना चाहिए और अपने समाज के लिए खड़ा होना चाहिए। किशोर का मानना है कि राजद के मुस्लिम नेता अपने परिवार के हित को प्राथमिकता देते हैं और समाज की वास्तविक समस्याओं को अनदेखा करते हैं।

फातमी और सिद्दीकी पर निशाना

किशोर ने अली अशरफ फातमी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने बेटे को टिकट दिलाने में व्यस्त हैं, जबकि गरीब मुसलमानों के बच्चों को मौका देने की बात नहीं करते। उन्होंने कहा कि अगर फातमी और सिद्दीकी जैसे नेता राजद से मुसलमानों के लिए 40 सीटों की मांग करते हैं और इसे न मिलने पर पार्टी छोड़ने की बात करते हैं, तो राजद उन्हें सीटें देने पर मजबूर हो जाएगी।

महागठबंधन पर सवाल

प्रशांत किशोर ने विपक्षी महागठबंधन की मुस्लिम राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जन सुराज महागठबंधन के मुस्लिम उम्मीदवार के सामने मुसलमान को टिकट नहीं देगी। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को इस नीति का पालन करने का चैलेंज भी दिया।

समाप्ति

प्रशांत किशोर के ये बयान बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर रहे हैं। उनके आरोपों और सुझावों से राजद और उसके नेताओं पर दबाव बढ़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राजद और उसके मुस्लिम नेता इस चुनौती का कैसे जवाब देते हैं।