बजट 2026: आयकर स्लैब में बदलाव नहीं, स्वास्थ्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश किया। उनका भाषण लगभग 85 मिनट तक चला, जिसमें आम आदमी के लिए आयकर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव घोषित नहीं किया गया। हालांकि, टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे परियोजनाओं और आयुर्वेदिक एम्स जैसी कई नई बातें कही गईं।
स्वास्थ्य और दवाइयों के क्षेत्र में राहत
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे इनका आयात सस्ता होगा। इसी तरह, हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी ड्यूटी-फ्री कर दी गई हैं। भारत को ग्लोबल बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने और आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब्स बनाने का ऐलान किया गया है। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार करने के लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश की बात कही गई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का विकास
देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले पांच सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग भी विकसित किए जाएंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
रक्षा और हरित ऊर्जा पर फोकस
रक्षा बजट को पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो 15.2% की वृद्धि दर्शाता है। कुल रकम में से ₹2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए, लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर टैक्स छूट बढ़ाई गई है। 'सोडियम एंटीमोनेट' पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
सामाजिक और आर्थिक विकास की योजनाएं
महिला स्वयं सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं के लिए 'SHE-मार्ट' बनाए जाएंगे, जो उनके उत्पादों की सीधी बिक्री में मदद करेंगे। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए देश के 789 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है, साथ ही STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। नारियल प्रोत्साहन योजना से 3 करोड़ लोगों को जोड़ने और पशुपालन व मछली पालन में नए व्यवसायों को बढ़ावा देकर ग्रामीण आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद मिलेगी, साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्क भी बनाए जाएंगे। पर्यटन के क्षेत्र में 20 प्रसिद्ध स्थलों पर 10 हजार गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
राजकोषीय स्थिति और भविष्य के लक्ष्य
सरकार ने 2030-31 तक देश के कुल कर्ज को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 50% (±1) के बराबर लाने का लक्ष्य रखा है। राजकोषीय घाटा 2025-26 में 4.4% रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य है। सरकार ने अगले साल के लिए ₹36.5 लाख करोड़ की कुल कमाई का अनुमान लगाया है, जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे, जबकि कुल खर्च लगभग ₹53.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान है।
Sachin Saxena