बंगाल चुनाव में कांग्रेस की देर से एंट्री , बड़े चेहरों के भरोसे मालदा-दिनाजपुर में खाता खोलने की कोशिश

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बंगाल चुनाव  में  कांग्रेस  की  देर से एंट्री ,  बड़े चेहरों  के भरोसे  मालदा-दिनाजपुर  में खाता खोलने की कोशिश

बंगाल चुनाव: कांग्रेस का बड़े चेहरों पर दांव, मालदा-दिनाजपुर पर विशेष फोकस

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने देर से ही सही, अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। उत्तर बंगाल की कुल 54 विधानसभा सीटों में से 53 पर कांग्रेस ने एक साथ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। पार्टी का विशेष ध्यान मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिलों पर है, जहां कांग्रेस कई बड़े और अनुभवी चेहरों को चुनाव मैदान में उतारकर अपनी जीत की उम्मीद लगाए बैठी है।

प्रमुख सीटों पर कांग्रेस के बड़े नाम

मालदा जिले की मालतीपुर सीट से कांग्रेस ने पूर्व सांसद मौसम बेनजीर नूर को टिकट दिया है। मौसम नूर हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से कांग्रेस में वापस लौटी हैं और गनी खान चौधरी परिवार से संबंध रखती हैं, जो मालदा में कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ रहा है। इस सीट पर तृणमूल ने मौजूदा विधायक अब्दुर रहीम बक्सी को, भाजपा ने आशीष दास को और वाम मोर्चा ने मनिरूल हुसैन को उतारा है।

चाकुलिया सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक अली इमरान रमज उर्फ विक्टर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तृणमूल ने मिन्हाजुल अरफिन आजाद, भाजपा ने मनोज जैन और वाम मोर्चा ने अमजद अली को टिकट दिया है। रायगंज से कांग्रेस ने पूर्व नगर पालिका चेयरमैन मोहित सेनगुप्ता पर भरोसा जताया है। यहां तृणमूल ने पूर्व विधायक कृष्णा कल्याणी, भाजपा ने कौशिक चौधरी और वाममोर्चा ने जीवनंदा सिंबा को मौका दिया है।

इस्लामपुर सीट पर सस्पेंस बरकरार

कांग्रेस ने अभी तक इस्लामपुर सीट पर किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इस सीट पर तृणमूल ने कन्हैयालाल अग्रवाल, भाजपा ने चित्रजीत राय और वाममोर्चा ने शमिक खान को उतारा है। राजनीतिक गलियारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि कांग्रेस इस्लामपुर से किसी दिग्गज नेता को टिकट देकर चौंकाने वाली घोषणा कर सकती है। वर्तमान में इस सीट से 11 बार के विधायक रहे तृणमूल के वरिष्ठ नेता 80 वर्षीय अब्दुल करीम चौधरी को इस बार तृणमूल ने टिकट नहीं दिया है। उनकी अनुपस्थिति में उनके समर्थक नाराज हैं और राजनीतिक हलकों में उनके अगले कदम पर सबकी नजर है, जिसमें कांग्रेस द्वारा उन्हें टिकट दिए जाने की संभावना भी शामिल है।

कांग्रेस, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, इस बार विशेष रूप से मालदा और उत्तर दिनाजपुर जिलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। इन दोनों जिलों में कांग्रेस के कार्यकर्ता अन्य जिलों की तुलना में अधिक सक्रिय हैं और पार्टी यहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को मजबूत चुनौती देने की स्थिति में दिख रही है।

Satyam Tripathi