बंगाल में SIR पर सियासी घमासान
पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद चरम पर है। बंगाल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले को जस्टिस सूर्यकांत की बेंच में उठाया गया है, जो बिहार SIR मामले की भी सुनवाई कर रही है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि SIR के डर से 15 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं।
SIR के कारण मौतों का विवाद
TMC ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने आत्महत्या की जबकि कुछ की मौत हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से हुई। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे महज राजनीतिक प्रचार कहा है। बंगाल में विरोध के बावजूद 80,000 बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 5.15 करोड़ से ज्यादा SIR फॉर्म बांटे जा चुके हैं।
महिला BLO की मौत
पूर्व बर्धमान जिले में बूथ लेवल अधिकारी नमिता हांसदा की स्ट्रोक से मौत के बाद उनके परिवार ने SIR कार्यदबाव को जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद TMC ने मृतकों के परिजनों की मदद के लिए लीगल टीम और हेल्प डेस्क का गठन किया है।
बंगाल में विरोध और SIR का विस्तार
पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में 51 करोड़ से ज्यादा वोटर्स को शामिल किया जाएगा। BLO और BLA अधिकारियों द्वारा वोटर्स की जानकारी को सत्यापित करने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि बंगाल में इस पर विरोध जारी है।
निष्कर्ष
SIR को लेकर पश्चिम बंगाल में बढ़ते विवाद और मौत के मामलों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
Adarsh Chaurasiya