सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट चौधरी पर याचिका खारिज

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सुप्रीम कोर्ट  ने सम्राट चौधरी पर याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट चौधरी पर याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनाव में अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका हैदराबाद के एक निवासी ने दायर की थी। आरोप लगाया गया था कि सम्राट चौधरी ने चुनावी हलफनामों में अपनी उम्र और जन्मतिथि को गलत तरीके से पेश किया।

याचिका के आरोप और अदालत का बयान

याचिका में दावा किया गया कि सम्राट चौधरी ने कई बार अपने उम्र और जन्मतिथि को लेकर भ्रामक जानकारी दी। इसमें 1995 में नाबालिग होने के दावे से लेकर 2020 और 2025 के चुनावी हलफनामों में गलत उम्र बताने के आरोप शामिल थे। याचिका में उनके नामांकन रद्द करने, एफआईआर दर्ज करने और निर्वाचन आयोग को जांच के निर्देश देने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की दो बेंचों ने इस मामले की सुनवाई की और इसे कोर्ट का समय बर्बाद करने वाला मामला बताया।

भाजपा का बयान और राजनीतिक संदर्भ

भाजपा ने इस याचिका को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दायर बताया। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मामले पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सत्य और न्याय की जीत है।

नीतीश कुमार और एनडीए सरकार की चर्चा

इस बीच, बिहार में नीतीश कुमार को लेकर पोस्टर और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आए हैं, जिसमें कहा गया, "25 से 30, फिर से नीतीश।" जनता दल यूनाइटेड ने दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार फिर से बनने जा रही है। सम्राट चौधरी ने भी कहा कि नीतीश कुमार आज भी मुख्यमंत्री हैं और भविष्य में भी रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्याय प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाता है और राजनीतिक विवादों को सही दिशा में ले जाने का प्रयास करता है।

Arvind Vishwakarma