सरकारी बंगलों में अवैध कब्जा तो अब 10 गुना पेनाल्टी : पूर्व मंत्रियों और नेताओं पर गाज!

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सरकारी बंगलों  में  अवैध कब्जा  तो अब  10 गुना पेनाल्टी : पूर्व मंत्रियों और नेताओं पर गाज!

सरकारी बंगलों में अवैध कब्जा करने पर अब 10 गुना पेनाल्टी का प्रावधान

राजधानी भोपाल में सरकारी आवासों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य शासन के नए नियमों के अनुसार, पद से हटने, सेवानिवृत्त होने या तबादला होने के बाद भी सरकारी बंगलों में अवैध रूप से रहने वाले पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल के पूर्व अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, राजनीतिक दलों के सदस्यों और अधिकारी-कर्मचारियों को दस गुना पेनाल्टी का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हो गई है।

नियम-17 में बदलाव और उसके प्रभाव

राज्य शासन के गृह (सामान्य) विभाग द्वारा नियम-17 में बदलाव किए गए हैं। इन नए प्रावधानों के तहत, भोपाल से बाहर तबादला होने पर कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अधिकतम 6 महीने तक सामान्य किराए पर सरकारी आवास में रह पाएगा। इस अवधि के बाद उनसे पेनाल्टी किराया वसूला जाएगा और बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। यह नियम उन भाजपा के पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल के पदाधिकारियों, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों और भोपाल से बाहर स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों पर सीधा असर डालेगा।

सेवानिवृत्ति और अन्य स्थितियों के लिए प्रावधान

सेवानिवृत्ति की स्थिति में, अधिकारी-कर्मचारी 6 महीने तक आवास में रह सकेंगे। इसमें पहले 3 महीने सामान्य किराया लगेगा, जबकि अगले 3 महीनों के लिए 10 गुना पेनाल्टी किराया वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी त्यागपत्र देता है, सेवा से पृथक होता है, या अन्य किसी कारण से आवास रखने की अनुमति नहीं है, तो उन्हें अधिकतम 3 महीने तक सामान्य किराए पर रहने की अनुमति होगी। इस अवधि के बाद, नियम अनुसार पेनाल्टी किराया लागू होगा। पेनाल्टी के रूप में वसूले जाने वाले किराए की दरों में भी बदलाव किया गया है, जिससे कर्मचारियों के आवासों के लिए भी ऐसी ही पेनाल्टी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

Sachin Saxena