बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव स्वीकृत

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बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव स्वीकृत

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की कवायद तेज, कार्य परिषद ने दी मंजूरी

'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' होगा नया नाम, अकादमिक ढांचे में भी बदलाव तय

भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (ईसी) ने संस्थान का नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब <राज्यपाल> को भेजा जाएगा। कार्य परिषद में तर्क दिया गया कि राजा भोज प्रदेश की <ऐतिहासिक> और <बौद्धिक विरासत> का प्रतीक हैं।

अकादमिक ढांचे में भी होंगे बदलाव

नाम परिवर्तन के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अकादमिक ढांचे में भी बदलाव किए जाएंगे। <अरबी> और <पर्शियन> जैसे पारंपरिक विषयों को मिलाकर ‘तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग’ के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।

किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए एक <कानूनी> और <प्रशासनिक> प्रक्रिया का पालन करना होता है। कार्य परिषद से मंजूरी के बाद प्रस्ताव <उच्च शिक्षा विभाग> और सरकार को भेजा जाता है। इसके लिए <विधानसभा> में संशोधन विधेयक पेश किया जाता है, जिसे पारित होने और <राज्यपाल> की मंजूरी के बाद <राजपत्र> में अधिसूचना जारी कर लागू किया जाता है।

<ईसी> सदस्य डॉ. ताहिरा अब्बासी ने नाम बदलने का विरोध करते हुए कहा कि यह <स्वतंत्रता सेनानी> बरकतउल्ला भोपाली की स्मृति से जुड़ा है। वहीं, <हिंदू संगठनों> ने इस फैसले पर <खुशी> जताई है और इसे <लंबी मांग> का पूरा होना बताया है। <बीजेपी नेताओं> ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

Arvind Vishwakarma