बस आगजनी हादसे की जांच के लिए CIRT पुणे की टीम जैसलमेर पहुंचेगी

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बस आगजनी हादसे की जांच के लिए  CIRT पुणे  की टीम जैसलमेर पहुंचेगी

जैसलमेर बस आगजनी हादसे की जांच में CIRT पुणे की टीम की अहम भूमिका

राजस्थान के जैसलमेर में हाल ही में हुए बस आगजनी हादसे की गहन जांच के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT), पुणे की टीम को भेजा गया है। यह टीम घटनास्थल का दौरा करके हादसे की वजह, लापरवाही, कमियां और जिम्मेदारी जैसे प्रमुख बिंदुओं पर काम करेगी। हादसे के बाद परिवहन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच हेतु विशेष टीम गठित की।

परिवहन विभाग की सक्रियता

जैसलमेर की घटना के बाद परिवहन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इस मामले की जांच के लिए जयपुर से एक विशेष टीम भेजी गई, जिसका नेतृत्व जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ओ.पी. बुनकर कर रहे हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बस यार्ड का निरीक्षण किया और हादसे के तकनीकी कारणों का अध्ययन किया।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बस निर्माण करने वाली कंपनियों की भी जांच की जाएगी। विभाग ने इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी गठित की है जो उन वर्कशॉप्स और फैक्ट्रियों का निरीक्षण करेगी, जहां बसों की बॉडी बनाई जाती है।

AC बसों की जांच और जब्ती

जैसलमेर में 5 निजी AC बसों को जब्त किया गया है जो नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। बुनकर ने जानकारी दी कि राज्य में संचालित स्लीपर बसों की लगातार जांच की जा रही है। अब तक 1400 बसों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 162 बसों को नियमों के उल्लंघन पर जब्त किया गया है।

हादसे में जिस केके ट्रेवल्स की बस में आग लगी थी, उस कंपनी के यार्ड का निरीक्षण भी किया गया। वहां कुल 66 बसें खड़ी मिलीं, जिनमें से 35 बसों की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें से 10 बसों में बॉडी निर्माण से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गई हैं जिन्हें जांच के घेरे में रखा गया है।

विशेष जांच टीम का गठन

घटना की गहराई से जांच के लिए परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। इस टीम में शामिल हैं अपर परिवहन आयुक्त ओमप्रकाश बुनकर, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, कार्यकारी निदेशक रवि सोनी, संयुक्त महाप्रबंधक हनुमान सिंह, और मोटर वाहन निरीक्षक नवनीत बाटड़।

SIT ने जैसलमेर में घटना स्थल और दुर्घटनाग्रस्त बस का निरीक्षण किया। टीम ने हादसे से संबंधित परिवहन और तकनीकी पहलुओं पर गहन अध्ययन किया। जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर इसे सरकार को सौंपा जाएगा।

भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने की योजना

जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ओ.पी. बुनकर ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस में कई गंभीर तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इन खामियों के कारण कई यात्रियों की जान बचाना मुश्किल हो गया। विभाग इन सभी कमियों को अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

इस हादसे के बाद सरकार ने राज्य भर में संचालित करीब 3200 एसी बसों की जांच का आदेश दिया है। जांच टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को जब्त करना शुरू कर दिया है और आगे भी सख्ती से काम करेगी।

निष्कर्ष

जैसलमेर बस आगजनी हादसे ने परिवहन विभाग और सरकार को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। CIRT पुणे की टीम से लेकर विशेष जांच समिति तक सभी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस घटना से सीख लेकर सरकार और विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।