छिंदवाड़ा: 68 सक्षम आंगनबाड़ियों में बिजली-पानी नहीं, TV-RO बेकार, ₹12.50 लाख बजट मांगा

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छिंदवाड़ा: 68 सक्षम आंगनबाड़ियों में बिजली-पानी नहीं, TV-RO बेकार, ₹12.50 लाख बजट मांगा

छिंदवाड़ा में सक्षम आंगनबाड़ियों में बिजली-पानी के अभाव में टीवी और आरओ अनुपयोगी

योजना का विवरण और चयनित केंद्र

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में मिनी आंगनबाड़ियों सहित कुल 2,532 केंद्र हैं। इनमें से लगभग 800 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में विकसित करने के लिए चुना गया था। योजना के तहत इन केंद्रों पर बच्चों की डिजिटल शिक्षा के लिए स्मार्ट टीवी और शुद्ध पेयजल के लिए आरओ उपकरण उपलब्ध कराए जाने थे।

जमीनी हालात: 68 केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव

भास्कर टीम की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार 68 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली और पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है। इन केंद्रों पर पहुंचाए गए स्मार्ट टीवी लगभग चार महीने से डिब्बों में बंद पड़े हैं। कई स्थानों पर आरओ इकाइयां स्थापित तो कर दी गईं, लेकिन नियमित जलस्रोत न होने के कारण उन्हें प्लास्टिक की बाल्टी या मटके से जोड़कर चलाने का प्रयास किया गया। लहगडूआ आंगनबाड़ी की सहायिका मीना कुमरे ने बताया कि वे करीब 20 वर्ष से कार्यरत हैं, लेकिन केंद्र में अब तक पानी और बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी। पानी के लिए उन्हें लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित पंप से पानी लाना पड़ता है। इसी केंद्र में आरओ पहुंचाया गया है, परंतु नियमित जलस्रोत के अभाव में वह अनुपयोगी है। स्मार्ट टीवी भी पॉलिथीन से ढककर रखा गया है।

लहगडूआ के निकट एक अन्य आंगनबाड़ी में सहायिका सुनीता वाडिवा ने बताया कि वे लगभग 18 वर्ष से कार्यरत हैं। यहां भी बिजली और पानी की सुविधा नहीं है। गर्मी में बिजली न होने से बच्चों को गर्मी और मच्छरों की परेशानी होती है, जिसके कारण कई अभिभावक बच्चों को केंद्र भेजने से बचते हैं। इस केंद्र में भी योजना के तहत मिला स्मार्ट टीवी और आरओ कमरे में सुरक्षित रखा हुआ है, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पा रहा।

विभागीय स्तर पर अब इन 68 केंद्रों में बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए 12.50 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट मांगा गया है। यह फाइल कलेक्टर की मंजूरी के लिए भेजी गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सक्षम आंगनबाड़ियों की सूची उच्च स्तर पर तैयार हुई थी और चयनित केंद्रों पर सप्लायरों के माध्यम से उपकरण पहुंचाए गए। इससे यह सवाल उठता है कि उपकरण भेजने से पहले प्रत्येक केंद्र की बुनियादी सुविधाओं का सत्यापन किस स्तर पर किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश शिवहरे ने बताया कि जिन सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए 12.50 लाख रुपये का बजट मांगा गया है।

Janmejay Chaturvedi