पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर गिराने के आरोप, बारिश बताई वजह

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पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर गिराने के आरोप, बारिश बताई वजह

पाकिस्तान में सौ वर्ष पुराने हिंदू मंदिर के विध्वंस को लेकर विवाद

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लगभग सौ साल पुराने एक हिंदू मंदिर के गिरने को लेकर परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं। पाकिस्तान का आधिकारिक रुख है कि मंदिर की इमारत 21 जुलाई को भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गई थी।

स्थानीय निवासियों और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया और उसकी जमीन पास के एक मदरसे के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मंदिर की इमारत को 21 अगस्त को गिराया गया, जिससे दोनों तारीखों के बीच लगभग एक महीने का अंतर होने के कारण घटना पर सवाल उठ रहे हैं।

आरोपों में टीएलपी की भूमिका

पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (पीएमएमपी), स्थानीय लोग और हिंदू समुदाय ने आरोप लगाया कि मंदिर को स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने गिराया। इन आरोपों में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से जुड़े लोगों की भूमिका होने की बात भी कही गई है। टीएलपी पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है जिस पर वहां प्रतिबंध लगा हुआ है।

भारत की निंदा और पाकिस्तान का जवाब

मामला सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को इस घटना की निंदा की। भारत ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जो चिंता का विषय है, और यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। भारत ने पाकिस्तान से मंदिर गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और मंदिर को फिर से ठीक कराने की मांग की।

भारत के बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने प्रतिक्रिया दी। खान ने भारत के आरोपों को झूठा और राजनीतिक मकसद से लगाया गया बताया, साथ ही कहा कि भारत तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। खान ने पाकिस्तान के स्थानीय इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से कहा कि मंदिर की इमारत भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी।

पाकिस्तान का यह भी दावा है कि स्थानीय अधिकारियों ने मंदिर को हुए नुकसान का सर्वे किया है और मंदिर को दोबारा ठीक करने के लिए कदम शुरू कर दिए गए हैं।

Vivek Singh