जनगणना 2027: चार चुनावी राज्यों में दिसंबर से गिनती, देशभर में मार्च से
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने शनिवार को घोषणा की कि जनगणना 2027 के तहत गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों को छोड़कर शेष भागों में आबादी की गिनती 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। इन चारों राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, जिसे कोरोना महामारी के कारण टाल दिया गया था।
चार राज्यों के लिए विशेष कार्यक्रम
इन राज्यों में नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे। इस प्रक्रिया को सेल्फ-एन्यूमरेशन नाम दिया गया है। मुख्य गणना के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक सुधार का दौर चलेगा। गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2027 तक खत्म हो जाएगा।
शेष देश के लिए संदर्भ तारीख और बजट
सरकार की ओर से 25 जून को जारी बयान में कहा गया था कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और गैर-समान समय वाले इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों को छोड़कर शेष देश के लिए जनगणना की संदर्भ तारीख 1 मार्च 2027 होगी। जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा और लोगों को सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा।
केंद्र के मुताबिक, लोगों की दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, आरटीआई के तहत नहीं दिया जा सकता और किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना पूरे देश में केंद्र के समन्वय से होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में मदद करेंगी।
Bhavanesh Soni