चिरैया विधानसभा में पिता-पुत्र आमने-सामने
मोतिहारी के चिरैया विधानसभा क्षेत्र में इस बार का चुनाव काफी खास और दिलचस्प है। कुल 17 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन चुनाव आयोग की समीक्षा के बाद 10 नामांकन रद्द कर दिए गए। अब केवल सात प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं और इनके बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।
पिता-पुत्र की सीधी टक्कर
इस चुनाव का मुख्य आकर्षण पिता-पुत्र का आमना-सामना है। वरिष्ठ नेता लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर नामांकन भरा है। वहीं, उनके पुत्र लालू प्रसाद यादव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस स्थिति ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
राजनीतिक समीकरण और मतदाताओं की भूमिका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिता-पुत्र की यह टक्कर मतदाताओं को दो खेमों में बांट सकती है। लक्ष्मी नारायण प्रसाद यादव की पुरानी साख और पार्टी का समर्थन उनके लिए मजबूत आधार है, जबकि लालू प्रसाद यादव की निर्दलीय उम्मीदवारी युवा और नए मतदाताओं को आकर्षित कर सकती है।
चिरैया विधानसभा की राजनीति पर प्रभाव
चिरैया की यह सीट राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनावी हलचल, रोड शो, जनसभाओं और सोशल मीडिया पर पिता-पुत्र के इस मुकाबले ने जोर पकड़ा है। मतदाता अब उत्सुकता से यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि इस ऐतिहासिक चुनाव में जीत किसके पक्ष में जाती है।
Adarsh Chaurasiya