डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, बीएचएमएस छात्रों का प्रदर्शन

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डॉक्टर बनने का सपना  अधूरा, बीएचएमएस छात्रों का प्रदर्शन

डॉक्टर बनने का सपना अधूरा, बीएचएमएस छात्रों का प्रदर्शन

राजधानी के एलबीएस होम्योपैथिक कॉलेज के बीएचएमएस छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना अटका हुआ है। नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई और साढ़े पांच साल की मेहनत के बाद बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) की डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है।

रजिस्ट्रेशन में देरी से छात्रों की नाराजगी

छात्रों का कहना है कि कॉलेज की लापरवाही के कारण उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। इसके चलते वे न नौकरी कर पा रहे हैं, न प्रैक्टिस और न ही आगे की पढ़ाई। छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया और मिसरोद थाने में शिकायत भी दर्ज कराई।

भविष्य और खर्च पर असर

छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च किए, लेकिन अब वे बेरोजगार हैं और परिवार पर निर्भर हैं। छात्रा दामिनी मिश्रा ने कहा कि उन्होंने 2024 में डिग्री पूरी की थी, लेकिन एक साल बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। वहीं, छात्र विष्णु साहू ने बताया कि वे तीन साल से रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं।

कॉलेज का पक्ष

एलबीएस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शैलेश महेश्वरी ने कहा कि कॉलेज लगातार मेडिकल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) से संपर्क में है। उन्होंने बताया कि बच्चों के दस्तावेज तीन बार भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार नई कमी का हवाला देकर आवेदन लौटा दिया गया।

मान्यता विवाद

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने 2016-17 और 2017-18 बैच के लिए एनसीएच से मान्यता नहीं ली थी, जिसके कारण उनका रजिस्ट्रेशन रुका हुआ है। कॉलेज ने इस विवाद को हल करने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी।

छात्रों का आंदोलन

छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

यह मामला न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि शिक्षा प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठा रहा है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान जल्द ही होगा और वे अपने करियर की सही दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।