उज्जैन में मिठाई पर चांदी का वर्क लगाने पर रोक
सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है मिलावटी चांदी की परत
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने बुधवार को आयोजित बैठक में मिठाई विक्रेताओं और कैटरिंग कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि अब से मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि चांदी के वर्क में अक्सर एल्युमिनियम, लेड (शीशा) या कैडमियम जैसी जहरीली धातुओं की मिलावट होती है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे त्योहारों का इंतजार किए बिना लगातार नमूने लेते रहें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में किसी भी तरह की नकली या अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय न हो। उन्होंने बताया कि सस्ते चांदी के वर्क में पाई जाने वाली जहरीली धातुओं के बारीक कण शरीर में पच नहीं पाते और सीधे लीवर व किडनी में जमा होकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं
मिलावटी वर्क के सेवन से पेट में इंफेक्शन, दर्द और अल्सर जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इसके सेवन से नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है, जिससे याददाश्त और समग्र स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। उज्जैन से यह पहल पूरे शहर में लागू की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को मिठाई विक्रेताओं और कैटरिंग वालों के साथ बैठक कर गुणवत्ता के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंतदत्त शर्मा ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कुल 420 नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले 513 नमूने लिए गए, जो लक्ष्य का 122% है। इसी प्रकार 1 अप्रैल 2026 से 20 जून 2026 तक लक्ष्य से अधिक 90 नमूने लिए गए।
L. N. Bhargava