ड्रग डिपार्टमेंट की लापरवाही: 49 नकली दवाओं पर केस तक नहीं दर्ज

· 1 min read
ड्रग डिपार्टमेंट  की लापरवाही: 49 नकली दवाओं पर केस तक नहीं दर्ज

ड्रग डिपार्टमेंट की लापरवाही: नकली दवाओं पर कार्रवाई में देरी

नकली दवाओं के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने की जिम्मेदारी ड्रग डिपार्टमेंट पर है, लेकिन हाल के खुलासों ने विभाग की लापरवाही को उजागर किया है। पिछले तीन सालों में ड्रग डिपार्टमेंट की जांच में 58 नकली दवाओं का पता चला, लेकिन सिर्फ 6 फार्मा कंपनियों पर ही केस दर्ज किए गए हैं। 49 मामलों में अब तक केस दर्ज करने की अनुमति भी नहीं दी गई है।

पिछले 3 साल के आंकड़े

ड्रग डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में 16, 2024 में 39 और 2025 में अब तक 3 दवाएं जांच में नकली पाई गई हैं। इनमें से साल 2023 की 7, 2024 की 39 और 2025 की 3 नकली दवाओं के मामलों में केस दर्ज करने की अनुमति अब तक नहीं मिली है। इसके विपरीत, 'नॉट ऑफ स्टैण्डर्ड' दवाओं के 218 मामलों में प्रॉसिक्यूशन की अनुमति दी जा चुकी है।

6 कंपनियों पर केस दर्ज

ड्रग डिपार्टमेंट ने अब तक केवल 6 कंपनियों पर ही कार्रवाई की है। इनमें उज्जैन की भंडारी लैब्स और अजमेर की पार्थ फार्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों पर 2024 और 2025 में केस दर्ज किए गए।

नकली दवाओं पर सजा का प्रावधान

ड्रग डिपार्टमेंट यदि सख्ती से कार्रवाई करे, तो नकली दवाओं के मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। नकली दवाओं के मामलों में कोर्ट में सुनवाई होती है और सबूतों के आधार पर सजा सुनिश्चित की जाती है।

राजाराम शर्मा का निलंबन

ड्रग डिपार्टमेंट में नकली दवाओं के मामलों में प्रॉसिक्यूशन सेक्शन जारी करने की जिम्मेदारी तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा के पास थी। दैनिक भास्कर ने उनके खिलाफ गंभीर लापरवाही और नकली दवाओं की नई परिभाषा गढ़ने का खुलासा किया था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

आईएएस टी शुभमंगला के निर्देश

हाल ही में ड्रग कमिश्नर का कार्यभार संभालने वाली आईएएस टी शुभमंगला ने सभी डीसीओ को निर्देश दिया है कि नकली दवाओं के मामलों में तुरंत एक्शन लें ताकि दोषी कंपनियों को सजा दी जा सके।

यह मामला न केवल ड्रग डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि नकली दवाओं के इस्तेमाल से जनता की सेहत को होने वाले खतरे को भी उजागर करता है। विभाग को अब अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने होंगे।