देश में कॉमर्शियल गैस संकट: होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया

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देश में  कॉमर्शियल गैस  संकट:  होटल-रेस्टोरेंट  बंद होने की नौबत, सरकार ने  आवश्यक वस्तु अधिनियम  लागू किया

देश में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर संकट गहराया: होटलों-रेस्टोरेंट्स पर बंद होने का खतरा

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के कारण हॉर्मुज जलमार्ग से गैस सप्लाई बाधित होने और कतर में एलएनजी प्लांट पर ड्रोन हमलों से देश में एलपीजी की किल्लत हो गई है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे हजारों होटल और रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं।

संकट की मुख्य वजहें

भारत की एलपीजी आपूर्ति पर सबसे बड़ा असर 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के लगभग बंद होने से पड़ा है। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक पेट्रोलियम का 20% यहीं से गुजरता है। ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण यह मार्ग असुरक्षित हो गया है, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही रुक गई है। भारत अपनी 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से आयात करता है। इसके अलावा, ईरान के ड्रोन हमलों के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने एलएनजी प्लांट का उत्पादन रोक दिया है, जिससे भारत की 40% एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हुई है।

राज्यों पर गंभीर असर

उत्तर प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडरों की अघोषित रोक से बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है। महाराष्ट्र के मुंबई में करीब 20% होटल और रेस्टोरेंट्स पहले ही बंद हो चुके हैं, और 'आहार' एसोसिएशन ने 50% होटलों के बंद होने की चेतावनी दी है। पुणे में गैस शवदाह गृह भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को शादी के सीजन के बीच सिलेंडर न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने भी सप्लाई बहाल न होने पर होटलों को बंद करने की चेतावनी दी है, जो बुजुर्गों और छात्रों जैसे आश्रितों के लिए बड़ी दिक्कत पैदा करेगा।

सरकार के 5 अहम कदम

केंद्र सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है जो आपूर्ति की समीक्षा करेगी। गैस की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' लागू कर दिया गया है। घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए अब एक डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक करने की अनुमति होगी। जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही, सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन 10% बढ़ाने का आदेश दिया है।

रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बातचीत और आगे की राह

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनने और उनकी कॉमर्शियल गैस सप्लाई से जुड़ी जरूरतों को समझने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जिसमें इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं। यह कमेटी आपूर्ति की प्राथमिकता भी तय करेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, और भारत अमेरिका, रूस, अल्जीरिया जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रहा है ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट को कम किया जा सके।

कीमतों में वृद्धि

इस बीच, सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की है, जिससे दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब 913 रुपये का मिल रहा है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 फरवरी को 115 रुपये बढ़ाए गए थे, और अब यह 1883 रुपये का है। इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (एलपीजी) के.एम. ठाकुर ने ग्राहकों से घबराने और पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है।

Sachin Saxena