देशभर में SIR करेगा चुनाव आयोग, पहले फेज में 5 राज्यों की सूची अपडेट
चुनाव आयोग (EC) ने बिहार में सफल SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के बाद अब इसे पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में यह प्रक्रिया शुरू होगी। इन राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
क्या है SIR प्रक्रिया?
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की गहन जांच की जाती है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अवैध मतदाताओं, जैसे विदेशी नागरिकों, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित लोगों को हटाना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए दो तरीके सुझाए हैं: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर जानकारी लेंगे, और इच्छुक व्यक्ति आयोग की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।
बिहार में SIR का अनुभव
बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग एक महीने में करीब 3 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया। हालांकि, इस प्रक्रिया का विपक्ष ने जमकर विरोध किया। विपक्ष ने इसे "गरीबों के वोट छीनने" का तरीका करार दिया और संसद के मानसून सत्र में भी इसे लेकर प्रदर्शन किया।
आयोग का बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि सभी राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है। आयोग इस पर अंतिम निर्णय लेगा और तारीखों की घोषणा करेगा।
खास अधिकार
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि पूरे देश में SIR कराना उसका विशेषाधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप अनुचित होगा।