दिल्ली में दिवाली के बाद बढ़ता प्रदूषण
दिवाली की रात दिल्ली में जमकर आतिशबाजी हुई, जिसका असर राजधानी और आसपास के इलाकों में प्रदूषण के स्तर पर साफ दिखा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया। द्वारका, अशोक विहार, वजीरपुर और आनंद विहार जैसे इलाकों में AQI 404 से 423 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर प्रदूषण की स्थिति को दर्शाता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी। लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए लोगों ने रातभर पटाखे फोड़े। इससे 38 में से 36 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने रेड जोन में प्रदूषण स्तर रिकॉर्ड किया।
प्रदूषण नियंत्रण के उपाय
प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रैप-2 (GRAP-2) लागू किया गया है, जिसके तहत कोयला और लकड़ी का उपयोग प्रतिबंधित है। डीजल जनरेटर का इस्तेमाल भी सीमित किया गया है। एनसीआर में धूल नियंत्रण और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है।
कृत्रिम बारिश की तैयारी
प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली में क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश की योजना बनाई गई है। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि यह प्रक्रिया दिवाली के बाद जल्द शुरू होगी। मौसम विभाग की अनुमति के बाद क्लाउड सीडिंग का सैंपल लिया जाएगा।
पराली जलाने पर सख्ती
हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं ने भी प्रदूषण को बढ़ावा दिया है। सरकार ने पराली जलाने पर सख्त कानून लागू किए हैं, जिसमें जुर्माने का प्रावधान है।
दिवाली के बाद दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को जागरूकता दिखाते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी।
Vivek Singh