बिहार चुनाव: महागठबंधन और NDA में खींचतान
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस बार चुनाव में कई दिलचस्प पहलू सामने आए हैं। पहली बार INDIA गठबंधन और NDA ने मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा सामने नहीं रखा। टिकट बंटवारे को लेकर दोनों दलों में अंदरूनी खींचतान देखने को मिली।
महागठबंधन और प्रत्याशियों का वितरण
महागठबंधन के अंतर्गत विभिन्न पार्टियों ने 243 सीटों पर कुल 254 प्रत्याशी उतारे हैं। RJD ने 143, कांग्रेस ने 61, CPI(M) ने 20, CPI ने 9, और VIP ने 15 प्रत्याशी मैदान में उतारे। RJD ने यादव, मुसलमान और कुशवाहा समुदाय को प्राथमिकता दी है, वहीं महिला प्रत्याशियों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।
NDA का समीकरण
NDA ने भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। गठबंधन ने सवर्णों और OBC समुदाय को साधने का प्रयास किया है। BJP और JDU ने टिकट वितरण में फॉरवर्ड समाज को अधिक हिस्सेदारी दी है। इस बार 74 राजनीतिक दल चुनावी मैदान में हैं जिनमें प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
पहली बार बिना संयुक्त घोषणा
बिहार चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ है कि दोनों गठबंधन ने टिकट बंटवारे को लेकर कोई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित नहीं की। प्रत्याशियों की सूची नामांकन के अंतिम समय तक जारी होती रही।
बिहार चुनाव की स्थिति और परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा जिससे नई सरकार का गठन होगा।
निष्कर्ष
बिहार चुनाव इस बार कई राजनीतिक पेचीदगियों और खींचतान का गवाह बना है। CM फेस की गैरमौजूदगी और प्रत्याशियों की रणनीति से यह चुनाव दिलचस्प बना है।
Faraz Khan