दिल्ली मेट्रो जैसी सुविधा अब इंदौर-भोपाल में, टिकट के लिए क्यूआर कोड-स्मार्ट कार्ड

· 1 min read
दिल्ली मेट्रो जैसी सुविधा अब इंदौर-भोपाल में, टिकट के लिए क्यूआर कोड-स्मार्ट कार्ड

इंदौर और भोपाल मेट्रो में दिल्ली की तर्ज पर एएफसी सिस्टम लागू होगा

इंदौर और भोपाल मेट्रो परियोजनाओं में अब दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक टिकटिंग सुविधा लागू की जाएगी। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) और मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) सिस्टम लागू करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया है।

एडवांस एएफसी सिस्टम से क्यूआर कोड और स्मार्ट कार्ड टिकट

एएफसी सिस्टम लागू होने के बाद इंदौर और भोपाल के मेट्रो यात्रियों को क्यूआर कोड और स्मार्ट कार्ड के माध्यम से टिकट लेने की सुविधा मिल सकेगी। यह सिस्टम सुरक्षित और संपर्क रहित किराया भुगतान की सुविधा देगा, जिससे यात्रियों को टिकट काउंटर पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। यात्री सीधे गेट पर स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड का उपयोग कर मेट्रो में प्रवेश कर सकेंगे।

दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर इंदौर और भोपाल में यह एडवांस एएफसी सिस्टम स्थापित किया जाएगा। डीएमआरसी इन दोनों शहरों की मेट्रो के लिए पूरा सिस्टम लगाएगा। इससे वर्तमान मैन्युअल टिकट व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी और संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

तुर्किये की कंपनी से ठेका रद्द होने के बाद नई व्यवस्था

इससे पहले मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इंदौर और भोपाल में टिकट कलेक्शन के लिए तुर्किये की कंपनी एसिस इलेक्ट्रॉनिक को 186 करोड़ रुपए में ठेका दिया था। बाद में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसी कंपनी के वेंचर एसिसगार्ड द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन आपूर्ति करने का मामला सामने आया, जिसका उपयोग भारत के खिलाफ किया गया था। विरोध के बाद मेट्रो प्रबंधन ने इस कंपनी की सेवा लेने से इन्कार कर दिया और अब डीएमआरसी के सहयोग से नया एएफसी सिस्टम लगाया जाएगा।

इंदौर में अंडरग्राउंड स्टेशन निर्माण की तैयारी

इंदौर में रीगल तिराहा स्थित पुराने एसपी कार्यालय परिसर रानी सराय में मेट्रो के लिए अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के लिए चयनित कंपनी ने परिसर में टिनशेड लगाने का काम शुरू कर दिया है, जिसके बाद इस हिस्से में भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए खुदाई की जाएगी।

मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि निर्माण के दौरान जिस ऐतिहासिक इमारत में फिलहाल पुलिस कार्यालय संचालित हो रहा है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और इसकी विशेष रूप से सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।

भोपाल में टिकट व्यवस्था पर शिकायतें और मिसलेनियस टिकट

भोपाल मेट्रो में टिकट सिस्टम को लेकर यात्रियों की शिकायतों के बाद मेट्रो प्रशासन ने अस्थायी राहत के तौर पर नई व्यवस्था शुरू की है। एम्स स्टेशन पर गुरुवार को 80 लोगों के एक समूह को टिकट नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद शुक्रवार से मेट्रो प्रशासन ने मिसलेनियस (गैर श्रेणी) टिकट जारी करना शुरू कर दिया है। इन टिकटों के लिए यात्रियों को मेट्रो चलने के पांच मिनट पहले टिकट काउंटर पर पहुंचना होगा।

दो दिन पहले एम्स मेट्रो स्टेशन पर टिकट व्यवस्था को लेकर हंगामे जैसी स्थिति भी बनी थी। यात्रियों का आरोप था कि काउंटर से एक साथ 80 टिकट देने से मना कर दिया गया और इतनी संख्या में टिकट जारी करने में अत्यधिक समय लग रहा था। इस घटना के बाद यात्रियों ने मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों से शिकायत की।

मैन्युअल टिकट सिस्टम की खामियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोपाल मेट्रो में फिलहाल मैन्युअल टिकट सिस्टम में गंभीर खामियां सामने आई हैं। बताया गया कि एक बार टिकट लेने के बाद कोई भी व्यक्ति कितनी भी बार यात्रा कर सकता है। साथ ही, जो मैन्युअल टिकट दिए जा रहे हैं, उनमें न तो क्यूआर कोड है और न ही सुरक्षा से जुड़े अन्य मानक।

कमर्शियल रन शुरू होने के बाद भी कई दिनों तक टिकट सिस्टम में सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए अब आधुनिक एएफसी सिस्टम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं, जिससे भविष्य में टिकटिंग व्यवस्था अधिक सुरक्षित, स्वचालित और सुविधाजनक हो सकेगी।

Satyam Tripathi