PCS अफसर बेटी पर मां ने दर्ज कराई FIR: भूमाफिया से संबंध और काली कमाई के 15 लाख बैंक खाते में डालने का आरोप
सहारनपुर की एक महिला ने अपनी PCS अफसर बेटी और उसके कुछ सहयोगियों पर भूमाफिया से मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रचने और काली कमाई को छुपाने के लिए बिना अनुमति बैंक खाता खुलवाकर उसमें 15 लाख रुपए डालने का आरोप लगाया है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने बेटी समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
PCS अफसर की मां का आरोप
सरसावा थाना क्षेत्र के मीरपुर-सीतापुर गांव की रहने वाली मुनेश रानी ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी सीमा चौधरी, जो वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पद पर तैनात है, ने अपने देवर संजीव कुमार चौधरी के साथ मिलकर भू-माफिया गिरोह चला रही है। दोनों मिलकर उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं।
'काली कमाई' छिपाने के लिए बैंक खाते का इस्तेमाल
मुनेश रानी का आरोप है कि बेटी सीमा ने अपने देवर संजीव और उसके ससुर राजेंद्र राणा के साथ मिलकर उनके बैंक खाते में 15 लाख रुपए बिना बताए जमा किए। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में उनका बैंक खाता ICICI बैंक में सीमा चौधरी ने उनकी ईमेल आईडी रजिस्टर्ड करवाकर खुलवाया था। बेटी इसी खाते में अपनी 'काली कमाई' जमा करती है, जिसका उन्हें पता चलने पर विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
फर्जी कागजात और जान से मारने की धमकी
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 16 सितंबर 2023 को सीमा ने संजीव, राजेंद्र, गंभीर और नरेश कुमार के साथ मिलकर उनकी पैतृक जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाए और उन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए। जब उन्हें इसका पता चला और उन्होंने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाई, तो सच्चाई सामने आ गई। इसके बाद पांचों आरोपी उन्हें डराते-धमकाते रहे और जान से मारने की धमकी देते रहे, जिसके चलते उन्हें अपनी संपत्ति देहरादून की नैंसी जोशी को बेचनी पड़ी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मुनेश रानी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने IPC की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के इरादे से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
PCS अफसर सीमा चौधरी का पिछला विवाद
यह भी बताया गया है कि सीमा चौधरी पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। 2020 से 2022 के बीच गाजियाबाद में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) के रूप में तैनाती के दौरान स्थानीय राशन डीलरों ने उन पर राशन आवंटन में अनियमितता और तानाशाही रवैये के आरोप लगाए थे।
देवर का पक्ष
इस मामले में मुनेश के देवर संजीव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह लड़ाई 10 बीघा जमीन को लेकर है। उन्होंने मुनेश के बच्चों को पढ़ाने, शादी कराने और इंग्लैंड भेजने में मदद की। जब मुनेश ने 15 लाख रुपए मांगे, तो उन्होंने 10 लाख रुपए अपने ससुर राजेंद्र राणा से और 5 लाख अपनी तरफ से मिलाकर उन्हें दिए। बाद में मुनेश ने जमीन किसी फौजी को बेच दी, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने केस दर्ज कराया है।
पुलिस का बयान
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उसे एसएसपी को भेजा गया था। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है और अब मामले की पूरी जांच की जा रही है।
Sharad Shrivastava