एमपी में 5वीं-8वीं का शानदार रिजल्ट: 95% बच्चे पास, नरसिंहपुर नंबर वन, इंदौर 9वें पर

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एमपी में 5वीं-8वीं का शानदार रिजल्ट: 95% बच्चे पास, नरसिंहपुर नंबर वन, इंदौर 9वें पर

मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम जारी, नरसिंहपुर ने किया टॉप

मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने वल्लभ भवन में एक कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर ये नतीजे जारी किए। इस वर्ष 5वीं कक्षा में 95.14% और 8वीं कक्षा में 93.83% विद्यार्थी सफल हुए हैं। दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में बेहतर रहा है।

जिलों का प्रदर्शन

8वीं कक्षा के पासिंग परसेंटेज में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के गृह जिले नरसिंहपुर ने 99.38% के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इंदौर का स्थान 9वां रहा, जबकि भोपाल टॉप टेन जिलों की सूची से बाहर रहा।

5वीं कक्षा में नरसिंहपुर 99.70% के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दमोह 87.12% परिणाम के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन वाला जिला रहा। जबलपुर (87.79%) और सतना (89.35%) भी निचले पायदानों पर रहे। इस सूची में इंदौर 96% पास स्टूडेंट के साथ 26वें और भोपाल 95% पास स्टूडेंट्स के साथ 34वें स्थान पर है।

8वीं कक्षा के परिणामों में सतना 83.79% के साथ सबसे कमजोर जिला साबित हुआ। दमोह (85.16%), जबलपुर (87.09%), सिवनी (88.45%), विदिशा (89.16%) और ग्वालियर (90.39%) भी निचले प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल रहे।

परीक्षा में छात्रों की भागीदारी और परिणाम तक पहुंच

इस साल 5वीं और 8वीं की परीक्षा में कुल 23,68,984 छात्र शामिल हुए। इनमें से 16,78,567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जबकि शहरी छात्रों की संख्या 6,90,417 रही। परिणाम देखने की प्रक्रिया को आधुनिक और आसान बनाया गया है; छात्र और अभिभावक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल या विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके सीधे अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्कूल प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का विद्यार्थीवार प्रदर्शन जांच सकेंगे।

बोर्ड पैटर्न और बेहतर परिणाम

इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का प्रश्न पत्र पिछले वर्षों की तुलना में कठिन था, फिर भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

पिछले वर्षों से तुलना

वर्ष 2025 में लगभग 22.85 लाख छात्रों ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं दी थीं। इस वर्ष 23.68 लाख विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। 2025 में 5वीं के 92.70% छात्र पास हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में 95.14% बच्चे सफल हुए हैं। इसी तरह, 2025 में 8वीं के 90.02% बच्चे पास हुए थे, जबकि इस वर्ष 93.83% बच्चे सफल रहे।

जाति और माध्यम वार प्रदर्शन

जातिवार आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5 में सबसे अधिक सफलता दर अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की रही, वहीं कक्षा 8वीं में सामान्य (General) वर्ग ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। माध्यमवार परिणाम विश्लेषण में, हिंदी माध्यम के छात्रों की संख्या सबसे अधिक रही, लेकिन प्रतिशत के मामले में अन्य माध्यम आगे दिखाई देते हैं। कक्षा 8 में अंग्रेजी माध्यम का परिणाम 96.11% और उर्दू माध्यम का 97.76% रहा, जबकि मराठी माध्यम के छात्रों ने 100% सफलता हासिल की। कक्षा 5 में भी यही रुझान देखा गया, जहाँ उर्दू का 96.07% और मराठी का 99.58% परिणाम रहा।

Gulzar Ahmad