मध्य प्रदेश में 900 ई-बसों का संचालन जल्द शुरू होने की योजना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश को भारत सरकार से 972 ई-बसें मिलेंगी। इन बसों को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के विभिन्न शहरों में संचालित किया जाएगा। फिलहाल 472 ई-बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
पहले चरण में प्रमुख शहरों में संचालन
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन शहरों के नगर निगमों को डिपो बनाने और चार्जिंग स्टेशन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं होंगे, बसों का संचालन संभव नहीं होगा।
दूसरे चरण की योजना
दूसरे चरण में सागर, देवास और सतना जैसे शहरों में ई-बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इन शहरों में भी डिपो बनाने और टेंडर प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 2026 तक सभी चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हों।
बसों की विशेषताएं और किराया
472 बसें मिडी ई-बस (26 सीटर) और 110 मिनी ई-बस (21 सीटर) होंगी। इन बसों का किराया नगर निगम द्वारा तय किया जाएगा। संचालन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल पर आधारित होगा। भारत सरकार ने ग्रीन सेल कंपनी को टेंडर दिया है, जो 12 साल तक ऑपरेशनल और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी निभाएगी।
यह योजना प्रदेश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।