मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज, पचमढ़ी सबसे ठंडा
मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य के कई शहरों में तापमान तेजी से गिरा है और रातें सर्द हो चुकी हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड का दौर और कड़ा हो सकता है।
कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
ग्वालियर सहित प्रदेश के 9 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। नर्मदापुरम जिले का पचमढ़ी राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहां बुधवार-गुरुवार की रात तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने जंगल और हिल स्टेशन होने के कारण यहां दिन और रात दोनों समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है।
शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 7.4 डिग्री, शाजापुर में 7.9 डिग्री, मुरैना में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.3 डिग्री, राजगढ़ में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। बड़े शहरों में ग्वालियर 8.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा, जबकि इंदौर में 10.2, जबलपुर में 11.4, भोपाल में 11.6 और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं से ठंड और बढ़ेगी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके कारण 5 और 7 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद हवा की दिशा उत्तरी हो जाएगी, जिससे 7-8 दिसंबर के दौरान मध्यप्रदेश के उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ठंड का असर और अधिक बढ़ने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर-नर्मदापुरम संभाग में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी।
रिकॉर्ड तोड़ रही है इस बार की सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार इस साल नवंबर में ही सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में 84 साल पुराना ठंड का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में पिछले 25 वर्षों में सबसे ज्यादा सर्दी दर्ज की गई। विभाग का अनुमान है कि ऐसी ही तीखी सर्दी दिसंबर में भी बनी रहेगी।
कोहरा, स्वास्थ्य और फसलों को लेकर एडवाइजरी
ठंड के साथ ही सुबह और रात के समय कई इलाकों में घना कोहरा छाने लगा है। विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने स्वास्थ्य और फसलों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें ठंड से बचाव, गरम कपड़ों का उपयोग, बुजुर्गों और बच्चों की अतिरिक्त देखभाल और खेतों में फसलों की सुरक्षा के उपाय सुझाए गए हैं।
दिसंबर–जनवरी में लंबा ठंडा दौर, कोल्ड वेव की आशंका
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में और गिरावट होगी। अनुमान है कि प्रदेश के कई शहरों में दिसंबर और खासकर जनवरी में 20 से 22 दिन तक शीतलहर या कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है।
ला नीना की स्थिति, पहाड़ों पर जल्दी शुरू हुई बर्फबारी, 25 प्रतिशत तक ठंडी हवाओं का ज्यादा अंदर तक प्रवेश और पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना इस बार ठंड को लंबा और तीखा बनाने वाले मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
पांच बड़े शहरों का दिसंबर ट्रेंड
भोपाल
भोपाल में दिसंबर के दौरान दिन और रात में ठंड के साथ बारिश का भी रुझान रहा है। पिछले 10 वर्षों में 5 साल दिसंबर में बारिश दर्ज हुई है। 11 दिसंबर 1966 को यहां न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो अब तक का सबसे कम तापमान रिकॉर्ड है। वर्ष 2021 में भी पारा 3.4 डिग्री तक गिरा था, जो हाल के वर्षों में कड़ी ठंड का संकेत देता है।
इंदौर
इंदौर में दिसंबर में रात का तापमान आमतौर पर 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले वर्ष न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहता है। दिसंबर में यहां भी लगातार चार वर्षों से बारिश हो रही है। 31 दिसंबर 2015 को दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं, 27 दिसंबर 1936 को रात का तापमान 1.1 डिग्री तक गिरा था। 1967 में दिसंबर के महीने में 108.5 मिमी कुल बारिश और 17 दिसंबर 2009 को 24 घंटे में 53 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज है।
ग्वालियर
ग्वालियर में दिन में अपेक्षाकृत गर्मी और रात में तेज ठंड रहने का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री के बीच रहा, जबकि न्यूनतम 1.8 से 6.9 डिग्री तक दर्ज किया गया। 6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री तक पहुंचा था। 26 दिसंबर 1961 को यहां न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो अत्यधिक ठंड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी रही और 13 दिसंबर 2013 को 24 घंटे में 32.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जबलपुर
जबलपुर में दिसंबर में ठंड के साथ बारिश का भी पुराना ट्रेंड रहा है। 28 दिसंबर 1960 को दिन का तापमान 33.2 डिग्री दर्ज हुआ था, जबकि 28 दिसंबर 1902 की रात में 0.6 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो यहां का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 में दिसंबर में सर्वाधिक मासिक वर्षा 125 मिमी दर्ज हुई और 16 दिसंबर 1885 को 24 घंटे में 68.1 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बना।
उज्जैन
उज्जैन में दिसंबर में दिन का औसत तापमान लगभग 28.2 डिग्री और रात का औसत 9.4 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस महीने औसतन 4.6 मिमी बारिश दर्ज होती है और पिछले पांच साल से दिसंबर में लगातार वर्षा हो रही है। 18 दिसंबर 2002 को दिन का तापमान 34.9 डिग्री तक पहुंचा, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात का तापमान 0.5 डिग्री तक गिरा था। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी और 11 दिसंबर 1967 को 24 घंटे में 35.3 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
निष्कर्ष: लंबे समय तक जारी रह सकती है कड़ाके की सर्दी
मौसम विभाग और विशेषज्ञों के आकलन से स्पष्ट है कि इस बार मध्यप्रदेश में ठंड जल्दी शुरू हुई है और पुराने कई रिकॉर्ड टूट रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ, ला नीना और उत्तरी हवाओं के संयुक्त असर से दिसंबर और जनवरी में लंबे समय तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य, यात्रा और खेती-बाड़ी के मामले में अतिरिक्त सतर्क रहकर तैयारी करने की जरूरत है।
Lokendra Mishra