मध्यप्रदेश में एसआईआर ड्यूटी से स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित, बोर्ड परीक्षाओं पर चिंता
50 हजार नियमित शिक्षक मतदाता सूची पुनरीक्षण में तैनात
मध्यप्रदेश में फरवरी से शुरू होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्कूलों की नियमित पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। जिला कलेक्टरों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए लगभग 50 हजार नियमित शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। खास तौर पर वर्ग 1 और वर्ग 2 के वे शिक्षक लगाए गए हैं, जो कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाते हैं।
दूरदराज और प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की भारी कमी
शिक्षक संघों के अनुसार दूरदराज के कई बड़े स्कूलों में दो-दो शिक्षक छोड़कर बाकी सभी को एसआईआर में भेज दिया गया है। कई प्राथमिक स्कूलों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कुल दो शिक्षक थे और दोनों को ही एसआईआर ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इससे नियमित कक्षाओं के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
अतिथि शिक्षक और लैब सहायक पर बढ़ा बोझ
प्रदेश के 64 हजार अतिथि शिक्षकों में से भी लगभग 25 प्रतिशत की ड्यूटी सहायक बीएलओ के रूप में लगाई गई थी, हालांकि वे 18 दिसंबर को गणना पत्रक भरने की अंतिम तिथि के बाद इससे मुक्त हो गए। कई स्कूलों में अतिथि शिक्षक और लैब असिस्टेंट बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई संभाल रहे हैं।
डीपीआई की पहल नाकाम, आयोग ने निर्णय कलेक्टरों पर छोड़ा
लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर चुनाव आयोग से कई दौर की चर्चा की। विभाग की ओर से आग्रह किया गया कि कम से कम गणित और अंग्रेजी के शिक्षकों को एसआईआर ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, ताकि बोर्ड कक्षाओं की तैयारी प्रभावित न हो। इस विषय में कई कलेक्टरों से भी बात हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। लोक शिक्षण आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, वहीं ज्वाइंट इलेक्शन कमिश्नर आरपीएस जादौन ने कहा कि किसकी ड्यूटी लगे यह निर्णय कलेक्टरों पर छोड़ा गया है, आयोग का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं है।
विभिन्न स्कूलों की स्थिति
बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्टेशन रोड
इस स्कूल के प्राचार्य सुरेश खांडेकर के अनुसार यहां कुल तीन शिक्षक एसआईआर में लगे हैं। स्कूल में दूसरे शिक्षक और बायोलॉजी में ग्रेजुएट एक लैब असिस्टेंट मिलकर कक्षाएं ले रहे हैं और पढ़ाई को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
सरोजिनी नायडू कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
इस विद्यालय में प्राचार्य सहित यूएमएस शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर में लगाई गई है। प्राचार्य मालिनी वर्मा एसआईआर अभियान में सुपरवाइजर के रूप में काम कर रही हैं और बीच-बीच में लौटकर विद्यालय की व्यवस्थाएं भी देख रही हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल, अशोका गार्डन
अशोका गार्डन स्थित इस स्कूल में नियमित प्राचार्य नहीं हैं। स्टाफ के अनुसार कई शिक्षकों की एसआईआर ड्यूटी के कारण बोर्ड कक्षाओं में वैकल्पिक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। स्टाफ ने स्वीकार किया कि नियमित शिक्षक न होने से पढ़ाई को नुकसान हो रहा है, हालांकि इस बात को खुले तौर पर कम ही कहा जा रहा है।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बजरिया
यहां प्राचार्य अलका श्रीवास्तव अवकाश पर थीं। स्टाफ ने बताया कि दो उच्चतर माध्यमिक (यूएमएस) और एक माध्यमिक शिक्षक (यूटीडी) की ड्यूटी एसआईआर में लगी है। ऐसे में अतिथि शिक्षक और अन्य विषयों के शिक्षक बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई करा रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं और एसआईआर की तिथियां टकराईं
प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक चलेगी और इसी दिन अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। दूसरी ओर, कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च तक चलेंगी, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 5 मार्च तक होंगी। इन तिथियों के ओवरलैप होने के कारण चिंता जताई जा रही है कि एसआईआर का काम पूरा होने से पहले ही बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी और तैयारी पर विपरीत असर पड़ेगा।
निष्कर्ष: परीक्षा तैयारी पर असर की आशंका
बड़ी संख्या में नियमित शिक्षकों की एसआईआर ड्यूटी, कई स्कूलों में प्राचार्य की अनुपस्थिति और अतिथि तथा लैब सहायकों पर बढ़ा बोझ, इन सबके कारण बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक संघों और स्कूल स्टाफ की चिंता है कि यदि स्थिति में जल्द राहत नहीं मिली, तो छात्रों की परीक्षा तैयारी और परिणाम दोनों पर असर पड़ सकता है।
Sharad Shrivastava