एनडीए ने बिहार में महागठबंधन की 110 में से 85 सीटें छीनी
बिहार में एनडीए ने 20 साल की एंटी इनकमबेंसी को हराते हुए शानदार जीत दर्ज की। बीजेपी ने 101 सीटों पर चुनाव लड़कर 91 सीटें जीतीं, जिससे उसका स्ट्राइक रेट 90% रहा। एनडीए कुल 202 सीटों पर आगे है, जो पिछली बार से 77 सीटें ज्यादा हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन 110 सीटों से घटकर केवल 35 सीटों पर सिमट गया।
महागठबंधन की हार के कारण
एनडीए की सफलता के पीछे कई कारण रहे। 'महिला रोजगार योजना' से महिलाओं का बड़ा समर्थन मिला। चिराग पासवान के समर्थन से जेडीयू ने पिछली बार हारी 21 सीटें जीत लीं। जंगलराज का नैरेटिव और पीएम मोदी की 14 रैलियां भी निर्णायक साबित हुईं। इस बार महागठबंधन सीट शेयरिंग में उलझा रहा और 8 सीटों पर आपस में लड़ाई हुई, जिससे नुकसान हुआ।
बीजेपी बनी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी
इस जीत के साथ बीजेपी बिहार में नंबर-1 पार्टी बन गई है। एनडीए ने महागठबंधन के 12 में से 5 गढ़ भी ढहा दिए, जहां आरजेडी और कांग्रेस ने लगातार 3 चुनावों में जीत दर्ज की थी। एनडीए ने महागठबंधन की जीती हुई 85 सीटें छीन ली हैं।
भास्कर एनालिसिस ने डेटा और फैक्ट्स के जरिए यह निष्कर्ष निकाला कि एनडीए की रणनीति और प्रचार अभियान ने इसे महागठबंधन पर बड़ी जीत दिलाई।
Satyam Tripathi